अब नहीं करना होगा 5 किमी का चक्कर, दुर्गापुरा-मानसरोवर जुड़े सीधे मार्ग से

जयपुर

जयपुर की आबादी के एक बड़े हिस्से को 25 अगस्त से बड़ी राहत मिलने जा रही है। दुर्गापुरा महारानी फार्म से मानसरोवर और बी टू बाॅय पास को जोड़ने वाली पुलिया का काम अब पूरा हो गया है।  निर्माण कार्य के चलते  यहां से निकलने वाले वाहनों काे बी-टू बायपास और रिद्धी-सिद्धी से टोंक रोड आने जाने के लिए 5 किमी लम्बा चक्कर लगाना पड़ रहा था।

दुर्गापुरा स्थित महारानी फार्म पुलिया  इससे लगते टोंक रोड और आगे जवाहरलाल नेहरू मार्ग को सीधे मानसरोवर,न्यू सांगानेर रोड और पृथ्वीराज नगर योजना सहित बड़े इलाके को आपस में जोड़ती है। इसके चलते द्रव्यवती नदी पर बनी इस पुलिया पर यातायात का दबाव अधिक रहता है।

यह तस्वीर साल 2024 में जयपुर में हुई भारी बारिश के बाद की है। उस समय द्रव्यवती नदी अपने उफान पर थी। इसके चलते महारानी फार्म पुलिया के उपर से होकर बहने लगी। इस वजह से यहां से गुजर रहे कई वाहन पानी के बहाव में फंस गए। एक कार तो बहाव की चपेट में आकर नदी में गिर गई। हालांकि इसमें किसी के चोट नहीं आई।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति