2027 चुनाव में संदेश: सपा ने पूजा पाल को बाहर कर दिखाया कड़ा रुख

लखनऊ 
विधानसभा सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने विधायक पूजा पाल को बाहर का रास्ता दिखाकर पिछड़ों को एक संदेश देने का काम किया है। वे 2027 के चुनाव में किसी प्रकार का जोखिम नहीं चाहते हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार वे इस कारण ऐसे कदम उठा रहे हैं।

जानकार बताते हैं कि सपा विधायक पूजा पाल ने राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग करके पार्टी के अनुशासन को तोड़ा था, लेकिन सपा मुखिया ने उसे नजरअंदाज कर उनको पार्टी में बरकरार रखा था। इसके बाद सत्र के दौरान पूजा पाल ने योगी सरकार के कसीदे पढ़कर दूसरी बड़ी गलती की, जिसे सपा प्रमुख ने बर्दाश्त नहीं किया और उन्हें पार्टी से निकाल दिया। हालांकि बताया जा रहा है कि पूजा पाल को अखिलेश ने राज्यसभा क्रॉस वोटिंग के बाद से ही निष्कासित सूची में डाल रखा था। बस उनको मौके का इंतजार था।

विधानसभा सत्र में विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा के दौरान पूजा ने कहा कि सभी को पता है उनके पति राजू पाल की हत्या कैसे और किसने की थी। ऐसे कठिन समय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी बात सुनी और न्याय दिलाया। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में मुझ जैसी कई महिलाओं को न्याय दिलाया और अपराधियों को दंड दिया। आज पूरा प्रदेश मुख्यमंत्री की ओर विश्वास से देखता है। मेरे पति के हत्यारे अतीक अहमद को मुख्यमंत्री ने अपने वादे के अनुसार मिट्टी में मिलाने का काम किया।

इस बयान के बाद ही सपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया। वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक राजीव श्रीवास्तव कहते हैं कि पूजा पाल ने जिस प्रकार से सदन में भाजपा सरकार की तारीफ की है, वह लक्ष्मण रेखा पार करने जैसा था। ऐसे में सपा के पास कोई और विकल्प नहीं था। अब तक सपा ने जितने भी एक्शन किए हैं, चाहे विधायक राकेश प्रताप हों, मनोज पाण्डेय हों, या अभय सिंह हों, यह सभी अपर कास्ट के थे। पूजा पाल ने भी क्रॉस वोट किया, लेकिन उनके खिलाफ एक्शन नहीं हुआ। शायद पीडीए से थीं, यही कारण होगा।

राजीव श्रीवास्तव आगे कहते हैं कि अब विधानसभा चुनाव आ रहा है, इसलिए अखिलेश अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। वो पार्टी में समर्पित लोग ही चाहते हैं जिन पर कोई संदेह न हो। अब देखना है कि अभी क्रॉस वोटिंग वाले जो बचे, उन पर क्या एक्शन होगा। क्योंकि अभी बुंदेलखंड के बागी विधायक विनोद चतुर्वेदी बचे हैं जिन पर कोई एक्शन नहीं हुआ है। हालांकि वह भी अभी शांत हैं। सपा 2027 की तैयारी में है। वो चाहती है कि पार्टी में अवसरवादियों की जगह वहीं लोग रहें जो पूर्णतया सपा के प्रति समर्पित हों। उन्होंने कहा कि अखिलेश को लगता है कि वह पीडीए के फॉर्मूले से भाजपा को पटखनी दे सकते हैं। लिहाजा वह हर कदम ठोक बजाकर उठा रहे हैं।

सपा के प्रदेश प्रवक्ता अशोक यादव का कहना है कि पूजा पाल बार-बार कहती हैं कि मुझे न्याय मुख्यमंत्री ने दिया है। जबकि हमारी विधायक बिजमा यादव अभी भी न्याय के लिए भटक रही है। पूजा पाल को मिला न्याय नैसर्गिक नहीं है। योगी सरकार का हर कदम पीडीए के खिलाफ है। यह पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रही। लगातार उसे आगे बढ़ाती रही है। ऐसे में उन पर उठाया गया कदम बिल्कुल ठीक है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता आनंद दुबे का कहना है कि सपा अपने किसी भी कार्यकर्ता के ऊपर कार्यवाही करे। उससे हमें कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन यह भेदभावपूर्ण हैं। एक पिछड़ी महिला ने अपने पति के हत्यारे के न्याय दिलाने के लिए सरकार की तारीफ की। एक माफिया के सम्मान में अखिलेश मैदान में उतर जाते हैं। माफियाओं से उनकी इतनी हमदर्दी है कि पीडीए का नारा देने वालों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा देती है, जबकि पार्टी के खिलाफ काम करने वाले तमाम लोग अभी पार्टी में हैं। अखिलेश यादव सिर्फ पिछड़ों को धोखा दे रहे हैं। 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति