भाजपा ने साधा विपक्ष को, कहा—बस ‘अब्बा-डब्बा-जब्बा’ की बातें करते हैं

नई दिल्ली 
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज कई राजनीतिक दलों के नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, लेकिन उनकी विश्वसनीयता और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति उनका रवैया संदिग्ध है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, "आज मैं देख रहा था कि अनेक राजनीतिक पार्टियों के लोग बैठकर प्रेस वार्ता कर रहे थे। मैं पूछना चाहता हूं कि आपकी खंडपीठ बड़ी है, या सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ बड़ी है। जब सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर पर रोक नहीं लगाई है, तो आप कौन सी खंडपीठ हैं जो घोषणा कर रहे हैं कि चोरी हो रही है? ये दिखाता है कि संवैधानिक संस्थाओं के साथ आप खिलवाड़ करते हैं।"

उन्होंने कहा, "सिर्फ चुनाव आयोग ही नहीं, देश की ऐसी कोई संवैधानिक संस्था नहीं बची है, जिस पर कांग्रेस परिवार और उनके इर्द-गिर्द घूम रहे परिवारों ने हमला न किया हो। याद कीजिए, ये वही लोग हैं जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट पर उंगली उठा दी थी। ये वही लोग हैं जिन्होंने भारत के आर्मी चीफ को 'सड़क का गुंडा' कहने की हिमाकत की थी। ये वही लोग हैं जो 'सर्जिकल स्ट्राइक', 'एयरस्ट्राइक' और 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारतीय सेना पर हमला करने से नहीं कतराते हैं और सबूत मांगते हैं।"

भाजपा प्रवक्ता ने विपक्ष को अनाड़ी बताया और कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार को सभी मुद्दों पर विस्तार से जवाब दिया, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो इसे नहीं समझते हैं। वह (विपक्ष) खुद को खिलाड़ी समझते हैं, लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि वह अनाड़ी हैं। वह चाहते हैं कि हिंदुस्तान के अंदर अफरा-तफरी का माहौल बने ताकि वह राजनीतिक लाभ उठा सकें। हर मुद्दे पर विपक्ष का सिर्फ एक ही राग अब्बा-डब्बा-जब्बा है।

उन्होंने कहा, "विपक्ष का एकमात्र लक्ष्य घुसपैठियों को बचाना है। इनका (कांग्रेस और उसके सहयोगियों का) मकसद घुसपैठियों को बचाना है। भारत की जनता जानती है कि आप किस प्रकार से वोट बैंक की, तुष्टिकरण की राजनीति और उसमें घुसपैठियों को जोड़कर अपना वोट बैंक बनाकर जीतना चाहते हैं। लेकिन इस देश के संसाधनों पर इस देश की जनता का अधिकार है, किसी घुसपैठिए का अधिकार नहीं है।

संबित पात्रा ने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा, "सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार, भारत के चुनाव आयोग को चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करने का अधिकार है। कांग्रेस, राजद, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का लक्ष्य बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करना है। वे भारत की सड़कों पर पूरी तरह अराजकता फैलाना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि भारतीय लोग बर्बर बनें और हिंसा का सहारा लें, ताकि विपक्ष इस अस्थिरता का फायदा उठा सके।"

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