आयुष मंत्री परमार ने विभाग को स्कॉच अवॉर्ड-2025 पर दी बधाई, टीमवर्क और नवाचार को सराहा

भोपाल 

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने, आयुष विभाग को प्रतिष्ठित "स्कॉच अवॉर्ड- 2025" (SKOCH Award-2025) मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

आयुष मंत्री  परमार ने कहा कि "स्कॉच अवॉर्ड- 2025" प्राप्त करना, प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। यह उपलब्धि टीम भावना, नवाचार और उत्कृष्ट कार्य का परिणाम है, जिससे नागरिकों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।

प्रमुख सचिव आयुष  डी.पी. आहूजा ने भी इस उपलब्धि के लिए विभाग को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।  आहूजा ने कहा कि "आयुष ई-मॉनिटरिंग ने पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया है तथा राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में आयुष चिकित्सा की सुलभता और गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।" विभागीय अधिकारियों की सतत् निगरानी एवं समन्वय ने विभाग की इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से ई-मॉनिटरिंग सिस्टम के सभी घटकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ, जिससे राज्यभर में आयुष सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

आयुष विभाग को यह सम्मान 'आयुष ई-मॉनिटरिंग सिस्टम' परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट परिणामों के लिए प्रदान किया गया है। यह अवार्ड तीन चरणों की विस्तृत प्रस्तुतियों (Presentations) और दो चरणों की सार्वजनिक डिजिटल वोटिंग के बाद प्रदान किया गया, जो इस उपलब्धि की पारदर्शिता और गुणवत्ता को और अधिक प्रमाणित करता है। "स्कॉच अवॉर्ड-2025" वितरण समारोह, 20 सितम्बर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली स्कॉच समिट के दौरान होगा।

आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य हैं- प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों और चिकित्सा महाविद्यालयों में OPD (आउट पेशेंट विभाग) में अधिकतम वृद्धि करना, अधिक से अधिक नागरिकों को आयुष सुविधा कवरेज में लाना और लोगों को स्वस्थ एवं रोगमुक्त बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाएं उपलब्ध कराना। आयुष विभाग ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए माह में दो बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) कर सभी आयुष चिकित्सा अधिकारियों एवं आयुष मेडिकल कॉलेजों के साथ अनुभव साझा करना, समस्याओं का समाधान, कठोर निगरानी और मूल्यांकन, हर केंद्र के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा, प्रत्येक आयुष सुविधा की रैंकिंग प्रकाशित करना, प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार कर गुणवत्ता बढ़ाना, आयुष अवसंरचना को सुदृढ़ बनाना अस्पतालों और कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं का विकास करना जैसे अनेक नवाचार अपनाए हैं।

 

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