हाईकोर्ट ने DJ और साउंड सिस्टम के शोर पर लगाई कड़ी सजा, जुर्माना 1 लाख, 5 साल जेल

बिलासपुर 

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कानफोड़ू DJ और साउंड सिस्टम से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। शासन ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम को सख्त बनाने और एक लाख रुपए पेनल्टी के साथ पांच साल सजा का प्रावधान करने की जानकारी दी है।

इस नियम को लागू करने के लिए शासन ने समय मांगा, जिस पर चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की डिवीजन बेंच ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि, अब और देरी नहीं चलेगी। इसके लिए हाईकोर्ट ने शासन को तीन सप्ताह का समय दिया है। केस की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी।

दरअसल, प्रदेश में कोलाहल अधिनियम लागू होने के बाद भी तेज आवाज वाले DJ और साउंड सिस्टम बेधड़क चल रहा है। विशेष कर पर्व के साथ ही धार्मिक-सामाजिक और राजनीतिक आयोजनों के दौरान शोर-शराबा से लोग खासे परेशान रहते हैं। मरीजों के लिए यह खतरनाक साबित होता है।

DJ और साउंड सिस्टम पर बैन लगाने को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका की सुनवाई चल रही है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट्स पर स्वत: संज्ञान लिया है। लगातार सुनवाई और दिशानिर्देश जारी करने के बाद भी कोलाहल नियंत्रण अधिनियम प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पाया है।

हाईकोर्ट ने पहले भी जताई थी नाराजगी

इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान शासन की तरफ से बताया गया कि, कोलाहल अधिनियम के तहत DJ और साउंड सिस्टम बजाने वालों पर लगातार जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। इस पर याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि केवल 500 से 1,000 रुपए जुर्माना लगाकर मामला खत्म कर दिया जाता है।

इसके लिए कोई सख्त नियम नहीं बना है। हाईकोर्ट ने भी इस तरह की कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर करते हुए शासन से शपथपत्र के साथ जवाब मांगा था।

DJ संचालकों ने भी लगाई है याचिका

इस जनहित याचिका के साथ DJ संचालकों की ओर से भी हस्तक्षेप याचिका लगाई है। इसमें कहा गया है कि कई बार पुलिस उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई कर रही है, इसलिए नियम लागू होने से पहले स्पष्ट गाइडलाइन तय होनी चाहिए। DJ बजाने के लिए समय तय होना चाहिए, ताकि उनका व्यवसाय भी जारी रहे।

वहीं, हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही कोलाहल अधिनियम को लेकर दिशानिर्देश जारी किया है। साथ ही हाईकोर्ट से भी कई बार दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।

शासन ने कहा- एक लाख जुर्माना और पांच साल सजा का प्रावधान

शासन की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि, DJ और वाहन माउंटेड साउंड सिस्टम पर लेजर लाइट पहले से प्रतिबंधित है। नियम का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। बार-बार उल्लंघन करने पर वाहनों को जब्त भी किया जाता है। इसके साथ ही अब नियम तोड़ने वालों को 5 साल की सजा, एक लाख रुपए जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया जा रहा है।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि शासन पहले ही एक्ट लागू करने का वादा कर चुका है, अब और बहाने नहीं चलेगे। कोर्ट ने निर्देश दिया कि 3 सप्ताह में मसौदा तैयार कर रिपोर्ट पेश करें।

 

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