पंजाब सरकार की निगरानी कर रहे हैं केजरीवाल, बोले AAP नेता

नई दिल्ली
दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि राजधानी में पार्टी की हार के बाद से अरविंद केजरीवाल का फोकस गोवा, पंजाब और गुजरात पर है। वह इन राज्यों में संगठन को मजबूती और विस्तार देने में जुटे हैं। सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल पंजाब में सरकार के कामकाज की देखभाल कर रहे हैं। भारद्वाज का ऐसा कहना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पंजाब में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल आरोप लगाते हैं कि अरविंद केजरीवाल पंजाब में सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप कर रहे हैं। आप के राष्ट्रीय संयोजक को विपक्षी दल 'सुपर सीएम' भी कहकर तंज कसते हैं।

सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि केजरीवाल खाली बैठने वाले नहीं है। 8 फरवरी को दिल्ली में उनकी पार्टी की हार हुई और अगले दिन सुबह से वह गुजरात, गोवा और पंजाब पर काम कर रहे हैं। हार के बाद अधिकतर समय दिल्ली से बाहर रहने से जुड़े एक सवाल के जवाब में पूर्व मंत्री ने कहा, 'उनके पास टाइम नहीं है मिलने का छोटी-मोटी चीजों के लिए। मैं उनके पास जाता हूं कभी गुजरात के लिए लोग बैठे होते हैं, भी पंजाब के लिए बैठे होते हैं, कभी गोवा के लिए बैठे होते हैं। कभी सोशल मीडिया टीम बैठी होती है।'

केजरीवाल के तीन लक्ष्य, पंजाब में सरकार के कामकाज की देखभाल भी: भारद्वाज
सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'अरविंद केजरीवाल लगातार पार्टी को विस्तार देने के लिए काम कर रहे हैं। उनके तीन लक्ष्य हैं, वह गोवा में पार्टी को विस्तार दे रहे हैं, दूसरा- गुजरात में विस्तार कर रहे हैं। तीसरा पंजाब में जो सरकार के काम चल रहे हैं उसकी थोड़ी देखभाल कर रहे हैं और पंजाब में जो हमारा संगठन है उसको लगातार मजबूत कर रहे हैं।'

अभी कम हैं दिल्ली में दिखने को मौके: सौरभ भारद्वाज
यह पूछे जाने पर कि उन्होंने खुद को दिल्ली का बेटा कहा था और हारते ही बाहर चले गए, क्या यह धोखा नहीं है? इस सवाल के जवाब में भारद्वाज ने कहा कि उनकी दिल्ली पर नजर है, लेकिन कम दिख रहे हैं। सही समय पर वह दिल्ली में भी दिखेंगे। भारद्वाज ने कहा, ‘जब झुग्गी झोपड़ी वाला मुद्दा हुआ तो अरविंद जी ने हमें बुलाया और कहा कि यह बहुत क्रूर है। इसके लिए आंदोलन करना पड़ेगा। रूपरेखा बनाई, हम लोग गली-गली गए, बड़ा आंदोलन किया। हमने स्कूल के लिए जो पर्चा बांटा है, उन्हें दिखाया उन्होंने संशोधन कराए। एक-एक चीज पर उनकी नजर है। हां, सार्वजनिक रूप से कम दिख रहे हैं, क्योंकि एक मुख्यमंत्री के तौर पर ऐसा ज्यादा होता था, अब आप विपक्ष में है, इसलिए मौके कम है। जब सही समय आएगा वह दिल्ली में दिखेंगे। राष्ट्रीय राजनीति में भी कम उठाते हैं मुद्दे हैं, जहां उनका फोकस है वह बता दिया मैंने आपको।’

 

admin

Related Posts

गुजरात में केजरीवाल का तीखा संदेश: जेल जाने की बात कही, कार्यकर्ताओं को दिलाई शपथ

वडोदरा गुजरात के वडोदरा में आम आदमी पार्टी का सम्मेलन हुआ। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी इस सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर जोरदार हमला…

नामांकन से मतदान तक: इस तरह चुना जाता है भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की, जिसके तहत शीर्ष नेताओं ने कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन ( 45)…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

पंचक आज आधी रात से प्रभावी, भूलकर भी ये शुभ कार्य किए तो हो सकता है नुकसान

पंचक आज आधी रात से प्रभावी, भूलकर भी ये शुभ कार्य किए तो हो सकता है नुकसान

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें

क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें