मेट्रो ट्रैक का ट्रॉली टेस्ट, अफसरों ने लिया जायजा; MD ने बारिश में भी काम रोकने से किया इनकार

इंदौर

इंदौर में मेट्रो ट्रेन के 17 किलोमीटर हिस्से का काम पूरा करने पर मेट्रो रेल कार्पोरेशन का फोकस है, ताकि यहां तक मेट्रो का संचालन किया जा सके। अभी जिस सात किलोमीटर हिस्से में मेट्रो चल रही है, वहां यात्री नहीं मिल पा रहे है। शुक्रवार को मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एमडी एस कृष्ण चैतन्य ने 11 किलोमीटर हिस्से का ट्राॅली रन कर जायजा लिया। उन्होंने अफसरों से कहा कि बारिश के दौरान भी मेट्रो के काम की गति कम नहीं होना चाहिए। छह माह के भीतर हमे मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन रेडिसन चौराहे तक करना है। उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशन के बचे काम भी पूरे कर लिए जाए।

दौरे में उन्होंने विजय नगर, मेघदूत गार्डन, बापट चौराहा, चंद्रगुप्त मोर्य प्रतिमा चौराह के स्टेशनों के काम देखे। इसके अलावा गांधी नगर डिपो का भी निरीक्षण किया। वहां ट्रेनों के रखरखावल तकनीकी सेटअप, कंट्रोल रुम की जानकारी ली और जरुरत के हिसाब से स्टाॅफ बढ़ाने के लिए भी कहा। निरीक्षण के बाद उन्होंने अफसरों व ठेेकेदार एजेसिंयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।

इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो के लिए बनेगी डीपीआर

इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो के लिए हुए सर्वे की रिपोर्ट अफसरों के सामने प्रस्तुत की गई। 45 किलोमीटर के रुट के निर्माण पर दस हजार करोड़ का खर्च आएगा। अब इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होगी। इसे लेकर हुई बैठक में बताया गया कि इस रुट पर 11 स्टेशन बनेंगे और उज्जैन में चार किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड बनेगा। मुख्यमंत्री चाहते है कि सिंहस्थ से पहले मेट्रो का निर्माण हो जाएगा, लेकिन तीन साल में काम संभव नहीं है,क्योकि अभी डीपीआर बनने में ही छह माह से अधिक का समय लग जाएगा।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति