अश्विन के शो में द्रविड़ ने बताया अपना पसंदीदा चुनौतीपूर्ण गेंदबाज

नई दिल्ली 
ये दीवार टूट क्यों नहीं रही है…है तो ये एक सीमेंट कंपनी के विज्ञापन की टैगलाइन लेकिन राहुल द्रविड़ अपने दौर में भारत के लिए ऐसी ही दीवार थे। गेंदबाज ऐसे सिर खुजाते थे जैसे कह रहे हों- ये दीवार टूट क्यों नहीं रही। लेकिन भारत की इस 'दीवार' को किस गेंदबाज को खेलना चुनौतीपूर्ण लगता था? रविचंद्रन अश्विन के साथ बातचीत में राहुल द्रविड़ ने इसका जवाब दिया है।

राहुल द्रविड़ ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 164 टेस्ट, 344 वनडे और 1 टी20 मैच खेला। 1996 से 2012 तक उन्होंने दुनिया के एक से बढ़कर एक खतरनाक गेंदबाजों का सामना किया। वसीम अकरम से लेकर वकार यूनुस और शोएब अख्तर तक; शेन वॉर्न से लेकर ग्लेन मैकग्रा और ब्रेट ली तक; मुथैया मुरलीधरन से लेकर चामिंडा वास तक; कोर्टनी वाल्स से लेकर कोर्टनी एंब्रोज तक; जेम्स एंडरसन से लेकर स्टुअर्ट ब्रॉड तक; एलन डोनाल्ड से लेकर मखाया एंटिनी तक…उन्होंने तमाम वर्ल्ड क्लास गेंदबाजों के खिलाफ खेला।

'कुट्टी स्टोरीज विद एश' शो में आर अश्विन ने राहुल द्रविड़ से पूछा कि उन्हें कौन सा तेज गेंदबाज सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण लगा। जवाब में द्रविड़ ने ग्लेन मैकग्रा का नाम लिया। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच ने कहा, 'तेज गेंदबाज की बात करूं तो ग्लेन मैकग्रा। वैसे मैंने वसीम (अकरम) और वकार (यूनुस) को भी उनके करियर के आखिरी वक्त में खेला है। इसलिए यह सही नहीं होगा…जिन लोगों ने वसीम को पहले खेला था वे कहते हैं कि वह एक अलग ही किस्म के थे और वीडियो देखकर मैं कल्पना कर सकता हूं…और यहां तक कि अपने करियर के आखिरी दिनों में गेंदबाजी करने वक्त वह बहुत ही अच्छे थे। लेकिन मैंने मैकग्रा को उनके पीक के वक्त खेला है। वह जबरदस्त गेंदबाज थे। उन्होंने मेरे ऑफ स्टंप को किसी भी अन्य गेंदबाज से कहीं ज्यादा चुनौती दी…मैंने उनसे भी ज्यादा तेज गेंद फेंकने वालों को भी खेला है, लेकिन निरंतरता और कौशल के मामले में वह सबसे मुश्किल गेंदबाज थे, जिनका मैंने सामना किया है।'

किस स्पिनर को खेलना उन्हें सबसे मुश्किल लगता था, इसके जवाब में द्रविड़ ने मुथैया मुरलीधरन का नाम लिया। उन्होंने कहा, 'स्पिनर की बात करें करें तो मैं जिनके खिलाफ खेला, उनमें मुथैया मुरलीधरन सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज थे। खासकर तब जब वह राउंड द विकेट आते थे और दूसरा फेंकते थे। वह ऐसे गेंदबाज रहे जो कभी नहीं थकते थे और लंबे स्पेल फेंकते थे। वह जबरदस्त स्पिनर थे।'

 

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