डेंगू की चपेट में बांग्लादेश, 24 घंटे में 5 लोगों की मृत्यु

ढाका
बांग्लादेश में डेंगू से एक दिन में पांच लोगों की मौत हुई है, जो इस साल का सबसे बड़ा एक दिवसीय आंकड़ा है। देश के स्वास्थ्य महानिदेशालय के अनुसार, अब तक डेंगू से मरने वालों की संख्या बढ़कर 110 हो गई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में सुबह 8 बजे तक 311 नए मरीज सामने आए, जिससे इस साल डेंगू संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 27,782 हो गए हैं।

साल 2024 में बांग्लादेश में डेंगू के एक लाख से ज्यादा मामले और 575 मौतें दर्ज की गई थीं, जबकि 2023 में डेंगू से 1,705 लोगों की जान गई थी, जो अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक आंकड़ा है। डेंगू एक वायरल बीमारी है जो एडीज मच्छरों के काटने से फैलती है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, थकान, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, ग्रंथियों में सूजन, उल्टी और चकत्ते शामिल हैं।

जून से सितंबर के बीच का मानसून काल बांग्लादेश में डेंगू का मुख्य मौसम माना जाता है। हाल के वर्षों में यह बीमारी देश में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इस साल डेंगू के मामले और मौतें पिछले पांच सालों की समान अवधि की तुलना में कहीं ज्यादा हैं। डेंगू के मामले मई 2023 से तेजी से बढ़ने लगे थे और अब तक चरम पर नहीं पहुंचे हैं।

देश के सभी 64 जिलों से मामले दर्ज किए गए हैं। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र ढाका सिटी कॉर्पोरेशन है, जहां से कुल मामलों का 52.8 प्रतिशत और मौतों का 78.9 प्रतिशत सामने आया है। अन्य प्रभावित क्षेत्रों में चटगांव (13.2 प्रतिशत मामले, 9.2 प्रतिशत मौतें), ढाका डिवीजन (ढाका शहर को छोड़कर) (11.6 प्रतिशत मामले, 2.8 प्रतिशत मौतें) और बरिसाल डिवीजन (10.5 प्रतिशत मामले, 4.3 प्रतिशत मौतें) शामिल हैं। सिलहट डिवीजन में अब तक सबसे कम 560 मामले दर्ज हुए हैं और यहां किसी की मौत नहीं हुई है।

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