डीआरआई की छापेमारी में बड़ा खुलासा, भोपाल की मेफेड्रोन फैक्ट्री के धंधे में अंडरवर्ल्ड की एंट्री

भोपाल 

डीआरआइ के छापे के बाद सुर्खियों में आई राजधानी के जगदीशपुर स्थित मेफेड्रोन फैक्ट्री की जांच अब एनआइए की टीम भी करेगी। इस फैक्ट्री के संचालकों का अंडरवल्र्ड से कनेक्शन मिलने के बाद एऩआइए ने मामले की जांच की तैयारी कर ली है। फैक्ट्री लगाने में अंडरवर्ल्ड ड्रग तस्कर सलीम डोला का नाम सामने आने के बाद संभावना जताई जा रही है कि वही तुर्किए से बैठकर इसका संचालन कर रहा था। सलीम डोला को मुंबई के भगोड़े डॉन दाउद इब्राहिम का करीबी माना जाता है। उसके अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स स्मगलिंग गिरोह से भी संबंध होने की बात सामने आ रही है। मामले के अंडरवल्र्ड और विदेश से जुड़ा होने के कारण एनआइए भी इस केस की जांच करेगी।

गुजरात में बनी थी राजधानी में प्लांट बनाने की योजना

सलीम डोला ने गुजरात के अंकलेश्वर की फार्मा कंपनी में काम कर रहे अशोकनगर निवासी फैसल कुरैशी को इस काम के लिए चुना। फैसल के पास फार्मेसी डिप्लोमा होने से उसे केमिकल की जानकारी थी। इसके बाद सलीम के गुर्गों ने उसे गुजरात में ही कुछ दिन मेफेड्रोन बनाने की ट्रेनिंग दी। इसके बाद फैसलमध्यप्रदेशआया और गंजबासौदा निवासी रज्जाक खान से मिला। रज्जाक डिप्लोमा होल्डर है और एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। दोनों ने इसके लिए भोपाल के आसपास ही जगह तलाशी, ताकि कच्चा माल आसानी से लाया जा सके। इन्हें जगदीशपुर में मौके की जगह मिली तो पांच लाख अधिक देकर मकान का सौदा कर लिया और एक लाख रिश्वत देकर बिजली कनेक्शन लगवाकर मेफेड्रोन बनाना शुरू कर दिया।

फैसल ने मेफ्रेडोन बनाने की तकनीक रज्जाक को भी सिखाई। बाद में डीआरआई ने 16 अगस्त को मकान नंबर-11 पर रेड मारकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने मौके से 61.20 किलो मेफ्रेडोन जब्त किया, बाजार में इसकी कीमत 92 करोड़ रुपए थी। साथ ही 541.53 किलो कच्चा माल भी मिला, जिससे मेफेड्रोन बनाया जाना था।

महिला तस्कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

महिला तस्कर सहित सात आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। गिरफ्तार आरोपियों में गुजरात की महिला तस्कर के बारे में डीआरआइ को नई जानकारी मिली है। वह गुजरात की राज्य स्तर की पहलवान है और राष्ट्रीय खेलों में भी भाग ले चुकी है। सूत्रों के अनुसार गैंग के सरगना इस महिला और गरीब आरोपियों का इस्तेमाल कर रहे थे।

1800 करोड़ के ड्रग्स केस से जुड़ा था सलीम, 1 लाख का इनाम घोषित

भोपाल के बगरौदा इंडस्ट्रियल एरिया से दस माह पहले पकड़ाई फैक्ट्री का कनेक्शन सलीम डोला से था। नारकोटिक्स टीम ने जांच के बाद जो आरोप पत्र भोपाल स्पेशल कोर्ट में पेश किया था, उसके अनुसार फैक्ट्री का कर्ताधर्ता सलीम ही था। डोला पर एनसीबी ने दो माह पहले रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इसके बाद से इंटरपोल उसकी तलाश कर रही थी। एनसीबी ने डोला पर 1 लाख का इनाम घोषित किया है।

बगरौदा फैक्ट्री से जो केमिकल मिले वैसे ही जगदीशपुर फैक्ट्री से मिले

बगरौदा स्थित फैक्ट्री से जो केमिकल जब्त हुए हैं, ठीक वैसे ही केमिकल जगदीशपुर में भी मिले हैं। इंटेलिजेंस के अनुसार फिलहाल सलीम डोला ने तुर्किए के इस्तांबुल में ठिकाना बना रखा है। राजधानी के जगदीशपुरा में मेफेड्रोन ड्रग्स फैक्ट्री का काम उसका भतीजा मुस्तफा कुब्बावाला देख रहा था। सलीम पहले दाउद के खास इकबाल मिर्ची का सहयोगी रह चुका है।

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