IAS आंजनेय सिंह की प्रतिनियुक्ति को मिला एक साल का सेवा विस्तार

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के पूर्व मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह को सातवां सेवा विस्तार मिल गया है। 14 अगस्त को यूपी कैडर में प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद से ही उनके वापस सिक्किम कैडर लौटने की चर्चा थी। योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से इस अधिकारी के सेवा विस्तार के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया था। इससे पहले छह बार वे सेवा विस्तार ले चुके थे। इसमें से चार सेवा विस्तार एक-एक साल और दो छह-छह माह का था। इस प्रकार वे पिछले पांच वर्षों से सेवा विस्तार के तहत कार्य कर रहे थे। अब उनको केंद्र सरकार ने एक साल का सेवा विस्तार दिया है। इस तरह वे 2026 के अगस्त तक यूपी में अपनी सेवा देंगे। सपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खान के किला को ढाहने में बड़ी भूमिका निभाने वाले आंजनेय कुमार सिंह सीएम योगी के पसंदीदा अधिकारी में से एक माने जाते हैं।

14 अगस्त को समाप्त हुई प्रतिनियुक्ति
सीनियर आईएएस आंजनेय कुमार सिंह को एक बार फिर सेवा विस्तार मिल गया है। उन्हें लगातार सातवीं बार एक्सटेंशन मिला है। आंजनेय सिंह की प्रतिनियुक्ति अवधि 14 अगस्त को समाप्त हो गई थी। यूपी सरकार ने केंद्र से उनका कार्यकाल बढ़ाने की सिफारिश की थी, लेकिन मंजूरी में देरी होने पर शनिवार को उन्हें मुरादाबाद कमिश्नर पद से रिलीव कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने मुरादाबाद डीएम अनुज सिंह को चार्ज सौंपते हुए 60 दिन की छुट्टी ले ली थी। हालांकि, इसके 48 घंटे बाद ही केंद्र ने यूपी सरकार की सिफारिश स्वीकार कर ली। आंजनेय सिंह का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया। अब वे अपने मूल कैडर सिक्किम नहीं लौटेंगे। यूपी में अब जल्द ही उन्हें नई जिम्मेदारी दी जा सकती है।

यूपी में 10 साल से कर रहे सेवा
2005 बैच के आईएएस अफसर आंजनेय कुमार सिंह मूल रूप से मऊ जिले के सलाहादबाद गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने सिक्किम कैडर में 8 साल नौकरी की। इसके बाद पूर्व सीएम अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2015 में प्रतिनियुक्ति पर यूपी आए। यहां उन्हें 10 साल पूरे हो चुके हैं। अब नए एक्सटेंशन के बाद उनका कार्यकाल 11 साल का हो जाएगा।

राजनीतिक सिफारिशों से आए यूपी
वर्ष 2015 में तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह की सिफारिश पर सपा सरकार ने उन्हें यूपी बुलाया था। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ की सिफारिश पर उन्हें लगातार प्रतिनियुक्ति विस्तार मिलता रहा। अब तक उन्हें 6 बार केंद्र से मंजूरी मिल चुकी है। यह सातवां मौका रहा, जब केंद्र ने योगी सरकार की सिफारिश को मान लिया है।

आजम पर की थी कड़ी कार्रवाई
लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान रामपुर के डीएम रहते हुए आंजनेय सिंह ने सपा नेता आजम खान के खिलाफ एक के बाद एक कड़े कदम उठाए। आजम ने उस समय भाषण में कलेक्टर को जूते साफ कराने तक की बात कही थी। इस हेट स्पीच केस में आजम को 3 साल की सजा हुई। उनकी विधायकी भी रद्द हो गई। इसके बाद आंजनेय सिंह का नाम यूपी की नौकरशाही में सख्त छवि वाले अफसरों में शामिल हो गया।

रामपुर में 2 साल डीएम रहने के बाद आंजनेय सिंह को प्रमोशन देकर मुरादाबाद मंडल का कमिश्नर बनाया गया था। अब एक्सटेंशन मिलने के बाद माना जा रहा है कि योगी सरकार उन्हें फिर किसी अहम पद की जिम्मेदारी सौंप सकती है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति