फिर आफत ने दिखाई सूरत, जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से घरों को खतरा, राहत कार्य जोरों पर

जम्मू-कश्मीर 
जम्मू कश्मीर में एक बार फिर बादल फटने की घटना ने हड़कंप मचा दिया है। मिली जानकारी के अनुसार किश्तवाड़ के बाद अब डोडा में हुई इस प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही के संकेत दिए हैं। इस दौरान भद्रवाह में ऐतिहासिक शिव मंदिर और पांडु गुफा मंदिर भी बाढ़ की चपेट में हैं। मंदिर के पुजारियों और अन्य सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। प्रशासन ने सभी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
 
डोडा जिले में अचानक आई बाढ़ और तेज बारिश के कारण कई परिवार प्रभावित हुए हैं। नेशनल हाईवे बंद हो गया है और सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। भारी बारिश का कहर जारी है। स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं। वहीं प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि, 2 की मौत कहारा में और 1 की मौत thathri में हुई है। वहीं कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।  इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 15 रिहायशी मकान ढह चुके हैं और 3 पैदल पुलों को भी नुकसान पहुंचा है। राहत एवं बचाव कार्य जिला प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर जारी है। डिप्टी कमिश्नर कार्यालय का कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।

 कटरा-सराज रेलवे स्टेशन के बीच सुरंग संख्या 16 पर जमीन खिसकने से रेलवे सेवाओं को फिलहाल रोक दिया गया है। पटरी पर मलबा गिरने के कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। रेलवे टीमें पटरी को साफ करने और स्थिति को सामान्य करने में लगी हुई हैं। यात्रियों को अपनी ट्रेनों की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति