मणिमहेश यात्रा संकट में, हिमाचल में बारिश और सिग्नल कटने से परिजन परेशान

शिमला
हिमाचल प्रदेश में बीते 72 घंटे में मौसम ने जमकर कहर ढाया है. हालांकि, गनीमत रही कि फ्लेश फ्लड और लैंडस्लाइड (Himachal Landslide) में कहीं किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन संपति का काफी नुकसान हुआ है. चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे एक बार फिर से 2023 में आई आपदा की तरह टूट गया है और कुल्लू से मनाली के बीच में जगह जगह ब्यास नदी हाईवे को बहा ले गई है. ऐसे में इसे बनाने में लंबा वक्त लग सकता है. हालांकि राहत की बात है कि प्रदेश में बुधवार को धूप खिली है और कुल्लू मनाली में भी बारिश थम गई है. अब ब्यास नदी का जलस्तर धीरे धीरे कम होने लगा है.

जानकारी के अनुसार, बीते 24 घंटे में कुल्लू और मनाली में ब्यास नदी की वजह से रेस्टोरेंट, दुकान और कई पुल बह गए. कुल्लू के अखाड़ा बाजार के पास एक दुकान नदी में समा गई. वहीं, ओल्ड मनाली को जोड़ने वाला पुल टूट गया. लेफ्ट बैंक में ट्रक और जीप नदी में बह गई. बुधवार को कुल्लू के मनाली, बंजार और सदर में स्कूल कॉलेज बंद रहेंगे.

चंबा में हजारों लोग फंस

चंबा के भरमौर में मणिमहेश यात्रा पर गए हजारों लोग वहां फसें हैं. यहां पर मोबाइल नेटवर्क उड़ गए हैं. हिमाचल प्रदेश लाइसेंस सेवा क्षेत्र (HP LSA), दूरसंचार विभाग के अपर महानिदेशक टेलीकॉम ने सूचित किया है कि चंबा शहर और भरमौर उप मंडल , जिला चंबा में इंट्रा-सर्कल रोमिंग (ICR) सुविधा7 दिनों के लिए, अर्थात 01 सितम्बर 2025 तक के लिए सक्रिय कर दी गई है/ यह पहल प्रभावित क्षेत्र में मोबाइल कनेक्टिविटी को बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है. इस क्षेत्र के मोबाइल उपभोक्ता अपने डिवाइस की सेटिंग्स में जाकर किसी भी उपलब्ध मोबाइल नेटवर्क का मैन्युअल रूप से चयन कर सकते हैं, चाहे वह उनके मूल सेवा प्रदाता का नेटवर्क न हो. ICR सुविधा की अवधि के दौरान उपभोक्ता किसी भी ऐसे टेलीकॉम ऑपरेटर के नेटवर्क से जुड़कर सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे जिसकी उस क्षेत्र में कवरेज उपलब्ध है. इस अस्थायी व्यवस्था का उद्देश्य बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के कारण उत्पन्न व्यवधान के दौरान निर्बाध मोबाइल संचार सुनिश्चित करके सहायता प्रदान करना है.

4 नेशनल हाइवे और 677 सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं. राज्य भर में सड़क और मोबाइल नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, प्रदेश में 4 नेशनल हाइवे और 677 सड़कें बंद हो गई हैं. कुल्लू–मनाली मार्ग पूरी तरह कट गया है. चंडीगढ़–मनाली नेशनल हाईवे–21 मंडी में कई स्थानों पर अवरुद्ध है. मंडी–पठानकोट एनएच–154 भी बंद पड़ा है. एनएच–305 कुल्लू के बंजार क्षेत्र में और एनएच–03 किन्नौर के बिगुलसरी में बाधित है. जिला वार स्थिति देखें तो बिलासपुर में 13, हमीरपुर में 5, कांगड़ा में 67, किन्नौर में 1, कुल्लू में 131, मंडी में 342, शिमला में 45, सिरमौर में 36, सोलन में 19 और ऊना में 18 सड़कें बंद हैं.

वहीं चंबा और लाहौल–स्पीति से नेटवर्क बाधित होने के कारण रिपोर्ट नहीं मिल पाई है. भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और प्रशासन लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए है. मंगलवार शाम को आपदा प्रबंधन ने यह जानकारी सांझा की है.

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