बाढ़ पीड़ितों की मसीहा बनी योगी सरकार, मंगलवार को ढाई लाख से अधिक लोगों को सहायता प्रदान की गई

  • बाढ़ प्रभावितों के साथ खड़ी है योगी सरकार, पीड़ितों की हर जरूरत का रखा जा रहा पूरा ध्यान 
  • बाढ़ पीड़ितों की मसीहा बनी योगी सरकार, मंगलवार को ढाई लाख से अधिक लोगों को सहायता प्रदान की गई 
  • प्रदेश में बारिश से वर्तमान में प्रभावित हैं 22 जिले, बाढ़ से मंगलवार को कोई भी मकान नहीं हुआ क्षतिग्रस्त 
  • बाढ़ प्रभावित इलाकों में 6,458 खाद्यान्न पैकेट और 7,143 लंच पैकेट किये गये वितरित

लखनऊ
 एक बार फिर पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार मूसलाधार बारिश से प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का पानी बढ़ने लगा है। ऐसे में सीएम योगी ने तत्काल मामले की गंभीरता को भांपते हुए अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि किसी व्यक्ति को बाढ़ की समस्या से परेशान न हो, इसका पुख्ता इंतजाम किये जाएं। साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर तत्काल शिफ्ट किया जाए। साथ ही उनकी हर एक आवश्यकता को पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को मवेशियों के लिए भी विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिये हैं। 

बाढ़ प्रभावित 22 जिलों में 550 नाव और मोटरबोट्स से सहायता पहुंचायी जा रही
राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 22 जिलों की 43 तहसीलें और 768 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन इलाकों में बाढ़ से 2,52,839 लोग प्रभावित हैं, जिन्हें राहत सहायता प्रदान की गयी है। वहीं बाढ़ की वजह से 33,370 मवेशियों को सुरक्षा स्थान पर शिफ्ट किया गया है। वहीं बाढ़ से किसी परिवार के मकान को क्षति नहीं पहुंची है। वहीं प्रदेश में 37,279 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल बाढ़ की चपेट में आया है। इन प्रभावित क्षेत्रों में 550 नावों और मोटरबोट्स की सहायता से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इन इलाकों में मंगलवार को 6,458 खाद्यान्न पैकेट और 7,143 लंच पैकेट वितरित किये जा चुके हैं। 

एक हजार से अधिक बाढ़ चौकियों से बाढ़ प्रभावित इलाकों की हो रही निगरानी
योगी सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में पीड़ितों के साथ मवेशियों की सुरक्षा और उनके खाने-पीने का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मवेशियों लगातार भूसे का वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा 11,022 क्लोरीन टेबलेट और 5,049 ओआरएस पैकेट भी वितरित किए गये ताकि जलजनित बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सके। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुल 278 बाढ़ शरणालय सक्रिय हैं, जहां 3,089 लोग अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं। इन सभी का 586 मेडिकल टीमों द्वारा मेडिकल चेकअप किया जा रहा है। इसके साथ ही 1,022 बाढ़ चौकियों की स्थापना की गई है, जो प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर निगरानी रख रही हैं।

यह जनपद बाढ़ से हैं प्रभावित
वर्तमान में प्रदेश के 22 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें इनमें वाराणसी, प्रयागराज, औरैया, बहराइच, बांदा, मीरजापुर, कानपुर देहात, चंदौली, फतेहपुर, कानपुर नगर, बाराबंकी, बदायूं, फर्रुखाबाद, गोंडा, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फनगर, शाहजहांपुर और उन्नाव शामिल हैं। इन सभी जिलों में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। 

 

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