आवारा कुत्तों का कहर: बुजुर्ग की नाक काटी, बच्चे भी बने शिकार

बड़वानी
देश-प्रदेश के साथ शहर में भी आवारा श्वानों द्वारा आमजन को निशाना बनाने का सिलसिला जारी हैं। बुधवार को सुबह से दोपहर तक चंद घंटे में एक दर्जन के करीब लोग श्वान के काटने के शिकार बने। इस दौरान एक बुजुर्ग के मुंह पर श्वान ने झपट्टा मारकर नाक काट दी। लहुलहान हालात में स्वजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहीं इस दौरान आधे दिन में ही बच्चों सहित बड़े लोग श्वानों के शिकार होकर जिला अस्पताल उपचार के लिए पहुंचे।

बुधवार सुबह करीब 10 बजे शहर के गुरुद्वारा के पीछे नवलपुरा मुख्य मार्ग पर वेल्डिंग व ऑटो गैरेज व्यवसायी हाजी बसीर मंसूरी को श्वान ने बुरी तरह जख्मी किया। यह घटना सामने लगे सीसीटीवी में कैद हुई। उक्त घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने जमकर रोष व्यक्त किया। हाजी मंसूरी अपने घर से सटी दुकान पर आए और वहां मंडरा रहे श्वानों को भगाने का प्रयास किया, इस दौरान अचानक श्वान ने लंबी छलांग लगाकर उनके चेहरे पर बुरी तरह झपट्टा मारा। श्वान के हमले से वे सड़क पर गिरे, जिसके बाद श्वान ने उनके हाथ-पैर में निशाना बनाया। आसपास के लोगों के पहुंचने पर श्वान दूर भागा।

इस हमले से बुजुर्ग बसीर मंसूरी की नाक का एक ओर का हिस्सा निकल गया और हड्डी तक क्षतिग्रस्त हो गई। स्वजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। बुधवार को जिला अस्पताल में अवकाश के चलते नए सोलह पलंग वार्ड की इमरजेंसी ओपीडी में उनका टीकाकरण कर भर्ती कर उपचार शुरू किया। वहीं शाम चार बजे तक जिला अस्पताल में श्वान के काटने के शिकार करीब 10 लोग उपचार के लिए पहुंचे। इसमें बड़ों के साथ बच्चे भी शामिल थे।

इस वर्ष अब तक 1400 से अधिक घायल
जिला अस्पताल से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष जनवरी से जुलाई तक श्वान टीकाकरण केंद्र पर 1400 से अधिक लोग दर्ज हुए हैं, जिन्हें श्वानों ने निशाना बनाया हैं। इसमें महिला-पुरुषों के साथ युवा-बच्चे शामिल हैं। वहीं अधिकांश मामलों में श्वानों द्वारा खूंखार रुप से लोगों और बच्चों पर हमला कर घायल किया है। कई लोगों को शरीर में दो-तीन या अधिक स्थानों पर जख्म व खरोंचे भी आई हैं। बता दें कि डेढ़ वर्ष पूर्व न्यू हाउसिंग बोर्ड मैदान के समीप आवारा श्वानों ने दो वर्षीय मासूम को झपटकर मौत के घाट उतार दिया था।

कॉलोनियों व स्कूलों के आसपास अधिक समस्या
शहर में वर्षाकाल के बीच आवारा श्वानों के जगह-जगह झुंड विचरण करते देखे जा सकते हैं। मुख्य रुप से पालाबाजार, पानवाड़ी, न्यु हाउिंगस बोर्ड, हाट बाजार, मीट मार्केट, माडल स्कूल परिसर, नवलपुरा, राजघाट रोड से सटी कालोनियां, आनंद नगर सहित मुख्य रुप से स्कूलों के आसपास श्वानों के झुंड मंडराने से बच्चों पर खतरा बना हुआ हैं। हालांकि गत दिनों से नगर पालिका अमले द्वारा श्वानों को पकड़कर आबादी क्षेत्र से बाहर छोड़ने की कार्रवाई की जा रही हैं, बावजूद इससे फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही हैं।

इस वर्ष अब तक श्वानों के शिकार
    जनवरी में 284
    फरवरी में 178
    मार्च में 250
    अप्रैल में 171
    मई में 170
    जून में 112
    जुलाई में 182
    1400 से अधिक
अगस्त अब तक (प्रतिदिन औसत 6 से 10 मरीज)

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