श्रीराम मंदिर निर्माण में मध्यप्रदेश का भी रहा अहम योगदान

म.प्र. के तांबे का हुआ है उपयोग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सराहना

भोपाल 
अयोध्या में बने भगवान श्रीराम के मंदिर में मध्यप्रदेश का भी योगदान है। यह योगदान इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। इसकी जानकारी हाल में आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव में हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के एमडी श्री संजीव कुमार सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि अयोध्या में बने मंदिर में मध्यप्रदेश की खदानों से निकले ताँबे का उपयोग हुआ है।

हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के चेयरमैन श्री सिंह ने कहा कि तांबा एक शाश्वत धातु है। भारत में तांबे के उपयोग का प्राचीन इतिहास रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने 32 टन कॉपर राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया है।

कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपने उद्बोधन में इस तथ्य पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तांबे के साथ मानव जीवन का संबंध रहा है। यह संबंध सोने, चांदी से बढ़कर है।

हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड द्वारा 70 हज़ार कॉपर स्ट्रिप और 775 कॉपर वायर की रॉडस् मंदिर में लगे पत्थरों को जोड़ने के लिए आपूर्ति की गई थी। हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड द्वारा सप्लाई की गई इस धातु में 99 प्रतिशत शुद्धता और इलेक्ट्रो रिफ़ाइंड कैटेगरी की है। यह ताँबे का शुद्धतम रूप है, जो हज़ारों साल तक पत्थरों को जोड़ने में कारगर सिद्ध होगा।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति