बनारस में गंगा-वरुणा का प्रकोप, एक मंजिल तक जलमग्न हुए घर

वाराणसी
वाराणसी में गंगा के पलट प्रवाह से वरुणा में आई बाढ़ ने हाहाकार मचा दिया है। कई घर एक मंजिल तक डूब गए हैं। हालांकि राहत की बात यही है कि कई दिनों के बाद गुरुवार की सुबह गंगा स्थिर हो गई हैं। जलस्तर चेतावनी बिंदु को तो बुधवार की सुबह ही पार कर गया था लेकिन खतरे के निशान से करीब 30 सेंटीमीटर नीचे पानी स्थिर हो गया है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि अभी गंगा के घटने का तो कोई संकेत नहीं मिल रहा है। सरकारी बुलेटिन के अनुसार भी वाराणसी में शुक्रवार को गंगा के लेवल खतरे के निशान को पार करते हुए 71.4 मीटर तक जाने की आशंका जताई गई है। फिलहाल जलस्तर 70.92 मीटर पर स्थिर हुआ है। यहां चेतावनी बिंदु 70.262 और खतरे का निशान 71.262 है।

सोमवार को दस सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर बुधवार को तीन सेमी तक गिर गया था। इसके बाद बुधवार की देर रात रफ्तार केवल एक सेमी प्रतिघंटे रह गई। अब स्थिर हो गया है। गंगा में वेग से वरुणा के बेसिन में बने मकान पूरी तरह से पानी में घिर गए हैं। आपदा नियंत्रण कंट्रोल रूम के मुताबिक बाढ़ राहत शिविरों में मंगलवार को वरुणा किनारे के 26 परिवारों के 108 लोग और बुधवार को 483 परिवारों के 2080 लोग पहुंचे। दो दिन में कुल 509 परिवारों के 2188 सदस्य राहत शिविरों में शिफ्ट हुए हैं। बढ़ाव के कारण गंगा का रुख अब तटवर्ती घाटों और किनारों पर बसी कॉलोनियों की ओर होने लगा था। वरुणा के पानी ने आबादी की ओर रुख करते हुए पुरानापुल इलाके के चार दर्जन घरों में बाढ़ को अपनी आगोश में ले लिया था।
 
वरुणा किनारे रहने वाले सैकड़ों परिवारों की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इस सीजन में यह तीसरी बार है जब पानी बढ़ने से लोगों को घर खाली करने पड़ रहे हैं। लोग सुरक्षित जगह पलायन कर रहे हैं। अभी अपने घरों में शिफ्ट हुए लोगों को 15 दिन भी नहीं हुए कि उन्हें फिर अपना घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को हो रही है। सिर में गठरी लेकर और गोद में बच्चों को लेकर वह सुरक्षित स्थान पर पलायन करने को मजबूर हैं।

गंगा में वृद्धि से चिरईगांव के ढाब सहित किनारे बसे गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालांकि ढाब के किनारे स्थित सोता में पानी अभीं भी दोनों तटों तक सीमित है लेकिन नालों के माध्यम से निचली भूमि पर तेजी से फैल रहा है। बुधवार शाम तक ढाब क्षेत्र में रामपुर की दलित बस्ती पानी से घिर गई। राजस्व कर्मियों के साथ बीडीओ वीरेन्द्र नारायण द्विवेदी मौके पर पहुंचे और प्रभावित आठ परिवारों के 50 सदस्यों को रामपुर प्राथमिक विद्यालय में बने बाढ़ राहत शिविर में पहुंचाया। नाले के रास्ते सोता के इस पार छितौना और जाल्हूपुर के निचले हिस्से में भी पानी भरना शुरू हो गया है।

गांव के प्रभावित किसान लालजी यादव, सत्येन्द्र, चन्द्र शेखर, महेंद्र,राम अशीष,कमला, जयगोविंद आदि ने बताया कि पिछली बाढ़ हटने के बाद धान की फसलों में निकल रहे कल्ले भी इस बार चौपट हो जाएंगे। उधर, रोहनिया क्षेत्र के बेटावर गांव में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घुसने लगा है। पहले आई बाढ़ से धान की फसल खराब हो गई थी। अब इसी तरह से बढ़ाव रहा तो धान की फसल व मवेशियों के हरे चारे पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे। लेखपाल आलोक पाठक ने बताया कि अभी गांव के निचले हिस्से में पानी है रोड पर नहीं आया है लेकिन बढ़ाव तेजी से हो रहा है गांव का मौका-मुआयना किया गया है। बाढ़ के हालात पर नजर बनी हुई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 29 अगस्त को दो दिनी दौरे पर वाराणसी आ रहे हैं। वे यहां मॉरीशस प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारी और बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री शाम करीब 4:30 बजे प्रतापगढ़ से हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन आएंगे। यहां से सर्किट हाउस जाएंगे। आधे घंटे विश्राम के बाद सवा पांच बजे से मॉरीशस प्रधानमंत्री के 11 सितंबर की बनारस में प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारी की समीक्षा करेंगे। बैठक के पश्चात वह काशी विश्वनाथ और कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करने जाएंगे।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति