संभल हिंसा पर 450 पन्नों की रिपोर्ट योगी को सौंपी, हिंदू आबादी और दंगों की साजिश का जिक्र

संभल 
संभल हिंसा की विस्फोटक रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी गई। 450 पन्नों की रिपोर्ट है। संभल में हुई हिंसा को लेकर न्यायिक हिंसा पर रिपोर्ट में जिक्र करते हुए कहा गया है कि कभी यहां 45 फीसदी आबादी हिंदू थी, लेकिन आज यह घटकर 15 फीसदी रह गई है। यूपी के पूर्व डीजीपी अरविंद कुमार जैन, पूर्व आईएएस अधिकारी अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद भी मौजूद रहे।

सूत्रों के मुताबिक, बाबर के साक्ष्य, डेमोग्राफिक बदलाव, दंगे और आतंकी नेटवर्क पर बड़ा खुलासा किया गया। गोपनीय रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी गई। इसे विधानसभा में रखा जाएगा।सूत्रों के मुताबिक, जिसमें सम्भल जनपद को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य दर्ज हैं। इसे पूर्व सुनियोजित साजिश बताया गया है। साथ ही कुछ तत्कालीन अफसरों की लापरवाही भी उजागर की गई है । सूत्रों के मुताबिक, संभल की न्यायिक हिंसा की रिपोर्ट में डेमोग्राफी बदलाव का भी जिक्र किया गया है. इसमें बताया गया कि कभी 45 फीसदी यहां हिंदू थे, जो आज घटकर 15 से 20 फीसदी ही रह गए हैं. अब इस रिपोर्ट के बाद शासन के द्वारा क्या निर्णय लिया जाता है ये देखने वाली बात होगी. मालूम हो कि इस पूरे मामले में उतर प्रदेश सरकार द्वारा तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई गई थी. इसमें हाईकोर्ट के पूर्व सेवानिवृत्त जज देवेंद्र अरोड़ा को अध्यक्ष बनाया गया था. रिटायर्ड आईपीएस एके जैन और अमित प्रसाद सदस्य के रूप में शामिल किए गए थे. 
 
संभल हिंसा की रिपोर्ट में क्या-क्या?
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में लिखा है कि बार-बार दंगों से संभल में हिंदू आबादी कम होती गई. अब सिर्फ वहां 15 प्रतिशत हिंदू बचे हैं. जबकि, आजादी के वक्त संभल नगर पालिका में 45 प्रतिशत हिंदू थे. दंगों और तुष्टिकरण की राजनीति ने जिले की डेमोग्राफी बदल दी. 

आजादी के वक्त संभल नगर पालिका क्षेत्र में 55% मुस्लिम और 45% हिंदू रहते थे
वर्तमान में संभल में लगभग 85% मुस्लिम और 20% हिंदू रहते हैं. यहां 1947, 1948, 1953, 1958, 1962, 1976, 1978, 1980, 1990, 1992, 1995, 2001, 2019 में दंगे हुए. आजादी के बाद से कुल 15 दंगे संभल में हो चुके हैं. जिला कई सारे आतंकवादी संगठनों का अड्डा बन चुका है. अलकायदा, हरकत उल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकवादी संगठन संभल में पैर पसार चुके थे. अमेरिका ने जिस मौलाना आसिम उर्फ सना उल हक को आतंकवादी घोषित किया था, वो संभल से लिंक था. जिले में अवैध हथियार और नारकोटिक्स गैंग पहले से सक्रिय हैं. अब उनपर एक्शन हो रहे हैं और इलाके में शांति-व्यवस्था कायम है. 

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति