आपदा मित्रों को होमगार्ड स्वयंसेवकों के रूप में तैनाती देने के लिए जनपदवार कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्डों के रिक्त पदों पर नए एनरोलमेंट की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए

आपदा मित्रों को होमगार्ड स्वयंसेवकों के रूप में तैनाती देने के लिए जनपदवार कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए: मुख्यमंत्री

समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष एनरोलमेंट के लिए पुलिस भर्ती एवं प्रशिक्षण बोर्ड की मदद से गठित होगा नया बोर्ड: मुख्यमंत्री

एनरोलमेंट नियमों में बदलाव पर मुख्यमंत्री का जोर, अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष करने और लिखित परीक्षा की व्यवस्था पर बल

आपदा प्रबंधन का अनुभव या प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को होमगार्ड एनरोलमेंट में मिलेगी प्राथमिकता

कानून व्यवस्था बनाये रखने, यातायात नियंत्रण तथा आपदा की स्थिति में होमगार्डों की कर्तव्य परायणता सराहनीय: मुख्यमंत्री

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में होमगार्डों के रिक्त पदों पर नए एनरोलमेंट की प्रक्रिया तत्काल प्रारम्भ करने के निर्देश दिए हैं। बदलते समय और बढ़ते दायित्वों को देखते हुए होमगार्ड एनरोलमेंट से जुड़े नियमों में संशोधन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष एनरोलमेंट सुनिश्चित करने के लिए पुलिस भर्ती एवं प्रशिक्षण बोर्ड के सहयोग से नया बोर्ड गठित करने के भी निर्देश दिए हैं।

गुरुवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण तथा आपदा की परिस्थितियों में होमगार्ड स्वयंसेवकों की भूमिका की सराहना की। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 1,18,348 स्वीकृत पदों के विरुद्ध 71,155 होमगार्ड सक्रिय हैं। अगले दस वर्षों में लगभग 38,000 स्वयंसेवक सेवानिवृत्त होंगे, जबकि मौजूदा बल में पचास वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 51 प्रतिशत से अधिक स्वयंसेवक कार्यरत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अधिक अवसर देने और सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पात्रता, परीक्षा और चयन से संबंधित प्रावधानों में सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि बल को और अधिक युवा स्वरूप देने के लिए एनरोलमेंट की अधिकतम आयु 30 वर्ष हो। साथ ही, चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा अनिवार्य की जाए, पात्रता मानकों को समयानुकूल बनाया जाए और परीक्षण प्रणाली को सुदृढ़ किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आपदा प्रबंधन से संबंधित अनुभव या प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नई एनरोलमेंट व्यवस्था शीघ्र तैयार की जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रिक्तियों की पूर्ति से उत्तर प्रदेश का होमगार्ड संगठन और अधिक प्रशिक्षित, सक्षम और जनसेवा के प्रति समर्पित स्वरूप में सामने आएगा।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि होमगार्ड्स की सेवाएं पुलिस प्रशासन, यातायात प्रबंधन, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन, खनन, नगरीय निकायों, दूरदर्शन, आकाशवाणी, एफसीआई और विकास प्राधिकरणों सहित विभिन्न क्षेत्रों में ली जा रही हैं। हाल ही में हुए लोकसभा व विधानसभा चुनावों, विभिन्न राज्यों के निर्वाचन कार्य तथा महाकुंभ-2025 जैसे आयोजनों में भी होमगार्ड्स ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विभाग की समस्त प्रक्रियाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। ड्यूटी आवंटन, भत्तों का भुगतान, अनुग्रह राशि और पेंशन जैसी व्यवस्थाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी हैं। होमगार्ड मित्र ऐप जैसी पहल ने कार्यप्रणाली को और अधिक सरल व पारदर्शी बनाया है। प्रशिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एक केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान और 12 मंडलीय प्रशिक्षण केंद्र सक्रिय हैं, जहां प्रतिवर्ष 15,000 से अधिक स्वयंसेवकों को नियमित और उन्नत प्रशिक्षण दिया जाता है।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि नई नामांकन व्यवस्था लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश का होमगार्ड बल और अधिक पेशेवर बनेगा तथा जनता की सेवा में पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करेगा।

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