इंदौर और भोपाल में भी बादलों की दस्तक, मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल

मध्यप्रदेश में बारिश के दो स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से कई दिनों में तेज बारिश का दौर चल रहा है। शनिवार को इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के 19 में से 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक बारिश का अलर्ट जारी किया है।

इसलिए हो रही तेज बारिश 
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक ने बताया कि प्रदेश से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। वहीं, एक अन्य ट्रफ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है। इस वजह से शुक्रवार को कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। शनिवार को भी बारिश का सिस्टम एक्टिव रहेगा।प्रदेश में शुक्रवार को बारिश का दौर बना रहा। सिवनी और इंदौर में आधा इंच पानी गिर गया। वहीं, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, इटारसी-पिपरिया, धार के पीथमपुर, बैतूल, टीकमगढ़ में भी बारिश हुई।

प्रदेश में अब तक 36.5 इंच बारिश
प्रदेश में अब तक औसत 36.5 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 30 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.5 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। 0.5 इंच बारिश होते ही इस बार भी बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। पिछली बार 44 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां औसत 54.5 इंच पानी गिर चुका है। वहीं, मंडला में 53.8 इंच बारिश हुई है। अशोकनगर में 50.9 इंच, शिवपुरी में 50.7 इंच और श्योपुर में 50.3 इंच बारिश हुई है।वहीं, सबसे कम बारिश वाले 5 जिलों में सभी इंदौर संभाग के हैं। इंदौर सबसे आखिरी में है। यहां अब तक औसत 18.7 इंच बारिश हुई है। बुरहानपुर में 22.7 इंच, खरगोन में 19.8 इंच, खंडवा में 21.5 इंच और बड़वानी में 21.4 इंच पानी गिरा है।

शुक्रवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक रतलाम में 16, सिवनी में 13, इंदौर में 11, नर्मदापुरम में आठ, बैतूल में चार, पचमढ़ी एवं टीकमगढ़ में दो-दो मिलीमीटर बारिश हुई। मध्य प्रदेश के 16 जिलों भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और खंडवा में आज कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

यहां बना हुआ है चक्रवात

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक मानसून द्रोणिका वर्तमान में बीकानेर, कोटा, गुना, दमोह, पेंड्रा रोड, संबलपुर, पुरी से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। विदर्भ और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात मौजूद है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ से उत्तरी केरल तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो विदर्भ पर बने से चक्रवात एवं आंतरिक कर्नाटक से होकर जा रही है।

तीन-चार दिन तक बना रहेगा बारिश का सिलसिला

मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आ रही है। इस वजह से रुक-रुककर बारिश हो रही हैं। प्रदेश के विभिन्न शहरों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला तीन-चार दिन तक बना रह सकता है।

उधर पिछले 24 घंटों के दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक रायसेन में 44.8, छिंदवाड़ा में 29.8, मलाजखंड में 26.2, पचमढ़ी में 23, मंडला में 15.7, इंदौर में 13.8, खंडवा में 13, भोपाल में 10.6, बैतूल में 9.2, खजुराहो में 2.2, रतलाम में दो, उमरिया में 1.6, दमोह एवं नरसिंहपुर में एक-एक मिमी. बारिश हुई।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति