नेहरू की रिपोर्ट में भी स्पष्ट- संभल में हिंदु सदा पीड़ित रहेः डिप्टी सीएम

 

बोले- महाराज पृथ्वीराज चौहान ने बनवाया था हरिहर मंदिर, बाबर ने इसे मस्जिद में बदलने का कार्य किया

आर्थिक दृष्टि से तेजी से आगे बढ़ रहा संभल, 2024-25 में संभल में हुआ 2405 करोड़ रुपये का निर्यातः उप मुख्यमंत्री

निर्यात के मामले में संभल प्रदेश के मानचित्र पर दसवें स्थान पर पहुंच चुका संभलः पाठक

बोले- 2017 के बाद से संभल, शामली, कैराना, मुजफ्फरनगर में पूरी तरह से रूका पलायन

लखनऊ

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संभल मु्ददे पर शनिवार को लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच आयोग ने रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। हम इसे कैबिनेट में ले जाएंगे, इसके उपरांत कार्रवाई के लिए उसे आगे भेजेंगे, फिर इस संदर्भ में बात करेंगे। उप मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि आज की बातचीत न जांच रिपोर्ट से प्रेरित है और न ही उसका संदर्भ लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले और 2024 से लेकर कई बार संभल की चर्चा आई है।

महात्मा गांधी के कहने पर नेहरू जी ने किया था संभल का दौरा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल में डेमोग्राफी बदलने के बारे में समय-समय पर मीडिया रिपोर्ट आती रहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार चर्चा करते हैं कि यूपी व अन्य राज्यों में डेमोग्राफी बदलने के लिए संगठित रूप से कुछ गिरोह विदेशी ताकतों के इशारे पर करते हैं। हमारी प्रतिबद्धता सभी को साथ लेकर चलने की है। हम किसी भी स्थिति में डेमोग्राफी बदलने नहीं देंगे और पूर्ववर्ती स्थिति मेंटेन करेंगे। पाठक ने कहा कि 1924 में संभल में दंगा हुआ था। कई हिंदु परिवारों को मौत के घाट उतार गया था। उस समय महात्मा गांधी ने जवाहर लाल नेहरू से कहा था कि आप वहां का दौरा कीजिए। 8-10 सितंबर1924 को जवाहर लाल नेहरू ने दौरा किया और 12 सितंबर को 13 पन्नों की रिपोर्ट महात्मा गांधी को सौंपी थी।

नेहरू की रिपोर्ट में भी स्पष्ट- संभल में हिंदु सदा पीड़ित रहे
डिप्टी सीएम ने एक सदी पहले नेहरू की उस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट में स्पष्ट है कि संभल में हिंदु सदा पीड़ित रहे। तुष्टिकरण और समाज को बांटने वाली सरकारों ने जनसंख्या संतुलन को बिगड़ने दिया। उस पर कार्रवाई नहीं की, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। हमारी सरकार संभल सहित पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था को बरकरार रखेगी।

नेहरू जी ने अपनी रिपोर्ट में कहा-पृथ्वीराज चौहान ने बनवाया था हरिहर मंदिर
पाठक ने कहा कि संभल में जो दंगा हुआ था, मुस्लिम समाज के उपद्रवियों ने मंदिरों को निशाना बनाया था। कई हिंदु परिवारों को मौत के घाट उतार दिया था। एक हिंदु को कुएं में ढकेल कर असमय मौत के मुंह में फेंक दिया गया था। कई लोगों की हत्या हुई, कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस समय नेहरू जी ने रिपोर्ट में कहा था कि हरिहर मंदिर महाराज पृथ्वीराज चौहान ने बनवाया था। बाबर ने इसे मस्जिद में बदलने का कार्य किया। यह ऐतिहासिक दस्तावेज बताता है कि संभल में हिंदुओं की पीड़ा अचानक नहीं हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन परंपरा के धार्मिक ग्रंथों में जानकारी मिलती है कि संभल में भगवान कल्कि का अवतार होने वाला है, इसलिए हर भारतवासी के मन में संभल के प्रति अटूट आस्था रही है।

कभी सभी के खिलाफ अत्याचार करके सरकार चलाई जाती थी, आज रूक गया पलायन
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय से लेकर अब तक संभल में एससी, एसटी समाज हो या रस्तोगी-दुबे परिवार के सदस्य, डेमोग्राफी बदलने में किसी को भी बख्शा नहीं गया। सबके खिलाफ हमेशा अत्याचार होते हुए सरकार चलाई गई। नतीजतन हिंदु भाई-बहनों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा। उनके घर-मकान छीन लिए गए। कानून व्यवस्था नाम मात्र की रह गई, लेकिन 2017 के बाद से संभल, शामली, कैराना, मुजफ्फरनगर में पूरी तरह से पलायन रूका है और लोग अपने घरों को लौट रहे हैं। संविधान के दायरे में रहकर सरकार धर्मांतरण, लव जेहाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और न्यायालय के माध्यम से कड़ी सजा दिला रहे हैं। हमारी सरकार सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है।

प्रदेश को आतंक के अड्डे के रूप में बदलना चाहते थे तत्कालीन सीएम
उप मुख्यमंत्री ने कांग्रेस व सपा सरकारों को आड़े हाथ लिया। बोले कि इन सरकारों ने तुष्टिकरण व वोटबैंक की राजनीति की। 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव की सरकार में तुष्टिकरण की हद बहुत अधिक हो गई थी। अयोध्या, वाराणसी व लखनऊ में बम विस्फोट करने वाले आतंकवादियों के मुकदमे पहली कैबिनेट में ही वापस लिए गए। तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रदेश को आतंक के अड्डे के रूप में बदलना चाहते थे, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का जिक्र करते हुए उप मुख्यमंत्री ने  धन्यवाद ज्ञापित किया।

उप मुख्यमंत्री ने बताई संभल में हुई कार्रवाई  
पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हमारी सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत कर रही है। संभल में हिंसा की घटना के बाद 68 से अधिक पौराणिक स्थलों व 19 प्राचीन कूपों को कब्जे से मुक्त कराकर पुनः उनका स्वरूप प्रदान करने का काम किया गया है। संभल में 1067 अतिक्रमण हटाकर 73 हेक्टेयर भूमि मुक्त कराई गई है। मस्जिद, मजार, मदरसे व कब्रिस्तान से भी 37 अवैध कब्जे हटाए गए। शासन किसी भी अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं करेगा।
 
संभल में दो नए थाने बने, बिजली चोरी के लिए चला अभियान
उन्होंने बताया कि संभल में कानून व्यवस्था के लिए दो नए थाने व 45 नई चौकी स्थापित की गईं। संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी व ड्रोन निगरानी की व्यवस्था की गई। जनपद मुख्यालय, जिला कारागार, 24वीं वाहिनी पीएसी व स्पोर्ट्स स्टेडियम जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम हुआ है। संभल में बिजली चोरी की गंभीर स्थिति भी सामने आई। बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चला। लाइन लास कभी 82 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जो अब मात्र 18  प्रतिशत बचा है। इससे 84 करोड़ रुपये की बचत हुई है। वहां फर्जी बीमा क्लेम लेते थे। बीमा माफिया पर कार्रवाई हुई है। 100 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया गया है। 67 लोगों को जेल भेजा गया है।

आर्थिक दृष्टि से तेजी से आगे बढ़ रहा संभल
संभल आर्थिक दृष्टि से तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2024-25 में संभल में 2405 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ है। डिप्टी सीएम ने वहां के ओडीओपी का भी जिक्र किया। कहा कि निर्यात के मामले में संभल प्रदेश के मानचित्र पर दसवें स्थान पर पहुंच चुका है। जाति-धर्म, भाषा-क्षेत्र से ऊपर उठकर हमारी सरकार सबको आदर,मान-सम्मान देने के साथ सबका साथ, सबका विकास, सबके विश्वास के आधार पर काम करते हुए आगे बढ़ रही है। उन्होंने साफ किया कि संभल में अब पलायन नहीं होगा, बल्कि कानून का राज स्थापित होगा।

सबको साथ लेकर चल रही हमारी सरकार
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में योगी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी। सबका साथ, सबका विकास और सबके विश्वास पर काम करते हुए यूपी में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए सबको साथ लेकर चलने का वायदा सरकार पूरा कर रही है। तुष्टिकरण और अन्याय न हो, हमारी सरकार सबको न्याय देने के लिए कार्य कर रही है। यूपी में संगठित लोग धर्मांतरण के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों में डेमोग्राफी बदलने के लिए लगातार काम करते रहते थे, लेकिन हमारी सरकार ने सीमावर्ती जिलों के साथ ही यूपी के अंदर जो लोग पूर्व में अपने स्थान पर रहे हैं, उन पर पलायन के लिए कोई दबाव न बनाए, इस दिशा में कार्य किया और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की।

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