शहडोल के युवा फुटबॉलर्स को मिलेगा विदेशी ट्रेनिंग, PM मोदी ने कहा- भविष्य उज्जवल

 शहडोल 

 शहडोल जिले के विचारपुर गांव के आदिवासी फुटबॉल खिलाड़ियों के दिन अब फिरने वाले हैं. जर्मनी के फुटबॉल कोच डिटमायर ने चार बच्चों को जर्मनी में प्रशिक्षण देने की इच्छा दिखाई है. रविवार को प्रसारित हुए 'मन की बात' में प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसका जिक्र किया.

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दिनों उन्होंने दुनिया के बहुत ही प्रसिद्ध पॉडकास्टर लेक्स फ्रीडमैन से चर्चा की थी, जिसे दुनियाभर के बहुत से लोगों ने सुना था. जब पॉडकास्ट पर बात हो रही थी, तो बातों ही बातों में उन्होंने एक ऐसा विषय उठाया था, जिसे जर्मनी के एक खिलाड़ी और कोच ने सुना और उसका ध्यान प्रधानमंत्री मोदी ने उस चर्चा में बताई बात पर केंद्रित हो गया.

फुटबॉलर ने फिर जर्मनी में भारतीय दूतावास से संपर्क किया और उन्होंने चिट्ठी लिखकर बताया कि वे उस विषय को लेकर भारत से जुड़ना चाहते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बताया कि उन्होंने  पॉडकास्ट में मध्य प्रदेश के शहडोल के फुटबॉल के क्रेज से जुड़े गांव का वर्णन किया था.

दरअसल, 2 साल पहले प्रधानमंत्री शहडोल गए थे, वहां के फुटबॉल खिलाड़ियों से मिले थे और पॉडकास्ट के दौरान एक सवाल के जवाब में शहडोल के फुटबॉल खिलाड़ियों का जिक्र किया था. यही बात जर्मनी के फुटबॉल खिलाड़ी और कोच डायटमार बेयर्सडॉर्फर ने सुनी. शहडोल के युवा फुटबॉल खिलाड़ियों की लाइव जर्नी ने उन्हें बहुत प्रभावित किया. 

प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में आगे कहा कि किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि वहां के प्रतिभाशाली फुटबॉल खिलाड़ी दूसरे देशों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में आगे कहा कि अब जर्मनी के कोच ने शहडोल के कुछ फुटबॉल खिलाड़ियों को जर्मनी की अकादमी में ट्रेनिंग देने की पेशकश की है. इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार ने भी उनसे संपर्क किया है. जल्द ही शहडोल के कुछ युवा साथी ट्रेनिंग कोर्स के लिए जर्मनी जाएंगे. उन्हें देखते हुए बहुत आनंद आता है. भारत में फुटबॉल की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है. फुटबॉल प्रेमियों से आग्रह करते हैं कि जब समय मिले तो शहडोल जरूर जाएं और वहां के फुटबॉल खिलाड़ियों को देखें.

दरअसल, विचारपुर शहडोल शहर से सटा हुआ एक आदिवासी गांव है. यहां कई सालों से गांव का हर सदस्य फुटबॉल से जुड़ा है. विचारपुर गांव के रहने वाले कुंडे परिवार ने आज से कई साल पहले यहां के बच्चों को फुटबॉल के खेल से जोड़ा. धीरे-धीरे गांव के लगभग हर परिवार के बच्चे फुटबॉल खेलने लगे. स्कूल स्तर, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में आज यही बच्चे फुटबॉल खेल रहे हैं. 

जुलाई 2023 में मोदी जी के शहडोल दौरे के समय इन बच्चों को मोदी जी से मिलवाया गया था. जिसके बाद 'मन की बात' में मोदी जी ने इसका जिक्र किया था. 'मन की बात' में जिक्र आने के बाद विचारपुर का नाम पूरे देश में चर्चा में आ गया था. अब यहीं के 4 फुटबॉल खिलाड़ी जर्मनी में प्रशिक्षण के लिए जाएंगे.

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति