मौर्य का हमला: अखिलेश यादव की ‘वोट अधिकार यात्रा’ बेअसर, नतीजा शून्य

लखनऊ
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘वोट अधिकार यात्रा’ में यादव की हालत ‘न तीन में न तेरह में’ जैसी ही रही।

मौर्य ने एक प्रचलित मुहावरे का प्रयोग करते हुए सोमवार को “एक्स” पर एक पोस्ट में कहा, “बिहार में नितांत असफल ‘वोट अधिकार यात्रा’ में सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव की हालत ‘न तीन में न तेरह में’ जैसी ही रही।” “न तीन में न तेरह में” मुहावरे का मतलब जिसका कोई लेना-देना न हो, या जो किसी बात से बिलकुल ही अप्रासंगिक हो।

मौर्य ने पोस्ट में कहा, “जिस पार्टी का बिहार की धरती पर न कोई अतीत है, न वर्तमान और न कोई भविष्य। उनका बिहार से संबंध केवल श्री लालू प्रसाद यादव के परिवार से नातेदारी तक सीमित है। बिहार की जनता इनकी ख़ातिरदारी का बेसब्री से इंतजार कर रही है। इसकी बानगी आने वाले चुनाव में मिलेगी।”

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल हुए थे और बिहार की जनता का आह्वान किया कि वह ‘मगध’ (बिहार) में भी उसी तरह भारतीय जनता पार्टी को हराये, जैसे पिछले लोकसभा चुनाव में लोगों ने उसे ‘अवध’ (फैजाबाद-अयोध्या) में हराया था। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निर्वाचन आयोग को ‘जुगाड़ आयोग’ बना दिया है।

यादव ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के तहत आरा (भोजपुर) में आयोजित एक सभा में उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘हम लोगों ने मिलकर अवध में हराया था, इस बार मगध में भारतीय जनता पार्टी को हराने की जिम्मेदारी आपकी है।’’ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव सारण से इस यात्रा का हिस्सा बने।

 

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