अब यूपी के इस जिले में बिजली के लिए करना होगा ये काम, 74 हजार स्मार्ट मीटरों में प्री-पेड शुरू

गजरौला
बिजली उपभोक्ताओं के लिए खास खबर है। क्योंकि अब विभाग ने घरों पर लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों में प्री-पेड व्यवस्था भी लागू कर दी है। गजरौला जोन में करीब 74 हजार स्मार्ट मीटरों में अब सितंबर माह से रिचार्ज का काम शुरू होगा। पहले मोबाइल से रिचार्ज करना होगा, फिर घर की बत्ती जलेगी। जहां-जहां मीटर लग चुके हैं। यह व्यवस्था वहां पर लागू हुई है। जहां पर मीटर लग चुके हैं। विभागीय अधिकारी भी मौके पर जाकर उपभोक्ताओं को समझा रहे हैं।

अभी तक घर, दुकान और नलकूपों पर बिजली विभाग की रीडिंग से निकलने वाले बिल के मीटर लगे हुए हैं। लेकिन,बिजली विभाग द्वारा इन मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का कदम बढ़ाया है। इन स्मार्ट मीटरों में रिचार्ज होगा और जितना रिचार्ज किया जाएगा। उतना ही बिजली का उपयोग होगा। इस मीटर के लगने से कई बिजली विभाग को बिल बकाया, चोरी इत्यादि समस्याओं से मुक्ति मिल जाएगी और उपभोक्ताओं की कम बिजली उपयोग करने पर अधिक बिल निकलना या फिर अधिक रीडिंग निकालने जैसी शिकायतें भी खत्म होगी।

खास बात यह है कि पहले विभाग ने उपभोक्ताओं से कहा था कि रिचार्ज वाली व्यवस्था स्मार्ट मीटर का काम पूरा होने के बाद लागू होगी मगर, अब विभाग अपने इस वायदे से पलट गया और बिना काम पूरा किए ही रिचार्ज की व्यवस्था लागू कर दी। गजरौला जोन के आंकड़ों की बात करें तो यहां पर लगभग 11 लाख उपभोक्ताओं के यहां पर स्मार्ट मीटर लगेंगे। जिनमें अमरोहा व बिजनौर जिले में अब तक 74 हजार स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। जो, मीटर लग चुके हैं। उनमें रिचार्ज की व्यवस्था लागू कर दी जा रही है।

गजरौला जोन में अमरोहा व बिजनौर जिले के यह डिवीजन हैं शामिल
गजरौला जोन में अमरोहा-बिजनौर जनपद के 12 डिवीजन शामिल हैं। जिनमें अमरोहा प्रथम, अमरोहा द्वितीय, गजरौला प्रथम, गजरौला द्वितीय, बिजनौर प्रथम, बिजनौर द्वितीय, चांदपुर प्रथम, चांदपुर द्वितीय, धामपुर प्रथम, धामपुर द्वितीय, नगीना और नजीबाबाद हैं।

बकराएदारी पर एक क्लिक से कटेगा कनेक्शन
अभी तक क्या होता है कि बिजली विभाग के लोग बकाएदारों के घर पर जाकर सीढ़ी लगाते हुए कनेक्शन काटते हैं लेकिन, जब स्मार्ट मीटर पूरी तरह लग जाएंगे तो फिर इस कार्य से भी मुक्ति मिलेगी। फिर बिजली विभाग तकनीकी उपयोग से ही कनेक्शन काट देगा यानी कम्प्यूटर में ही एक क्लिक करेंगे और बिजली गुल हो जाएगी। मीटर ही नहीं चलेगा।

अत्याधुनिक तकनीक से लैस मीटर, ऐसे होगा उपयोग
स्मार्ट प्रीपेड मीटर अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। घरों में इस मीटर के लगाए जाने के बाद बाइपास बिजली, मीटर से छेड़छाड़ आदि बिजली चोरी से जुड़े कार्य नहीं किए जा सकेंगे। यदि कोई उपभोक्ता ऐसा करने का प्रयास भी करेगा तो मीटर से सीधे इससे संबंधित मैसेज विभाग के कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। मीटर से ठीक वैसे ही उपभोक्ता बिजली का लाभ उठाएंगे, जैसे मोबाइल रिचार्ज कराकर बातचीत करने या इंटरनेट सेवा का लाभ उठाते हैं। स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के सीधे मोबाइल से जुड़ा होगा।

 

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