इजरायल को लेकर ट्रंप की चिंता, बोले- गाजा में जीत तो मिल रही है पर नुकसान भारी

वॉशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इजरायल गाजा का युद्ध जीत रहा है। लेकिन उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। ट्रंप ने कहा कि पब्लिक रिलेशंस की दुनिया में इजरायल की लॉबी को काफी नुकसान पहुंचा है। डेली कॉलर के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस में भी कांग्रेस का नियंत्रण कम होता जा रहा है। अगर आप 20 साल पहले जाएं तो कांग्रेस में इजरायल की लॉबी काफी मजबूत थी। गौरतलब है कि इजरायली राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू को अमेरिकी राष्ट्रपति का समर्थन हासिल है। हाल ही में नेतन्याहू ने कहा था कि वह हमास के साथ समझौते के लिए तैयार नहीं हैं। माना जा रहा है कि नेतन्याहू के इस फैसले को ट्रंप का समर्थन हासिल है।

सात अक्टूबर पर क्या बोले
ट्रंप ने कहा कि एक समय था कि अगर किसी को पॉलिटिशियन बनना है तो उसे इजरायल के बारे में बोलने से बचना होता था। इसके साथ ही उन्होंने सात अक्टूबर को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले को भी याद किया। उन्होंने कहा कि यह एक विध्वंसक दिन था। उन्होंने जोर दिया कि इजरायल को इस युद्ध से उबरना होगा। यह जेरुसलम को नुकसान पहुंचा रहा है। ट्रंप ने कहा कि इजरायल से उन्हें अच्छा समर्थन मिल रहा है, यह देश बेहद शानदार है।

मैंने इजरायल के लिए सबकुछ किया
इस इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी दावा किया उन्होंने जितना कुछ इजरायल के लिए किया है, उतना किसी अन्य ने नहीं किया। उन्होंने ईरान के ऊपर हालिया बम गिराए जाने का भी जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि जिस तरह से हमने ईरान के ऊपर से वह जहाज उड़ाए, कोई और नहीं कर सकता। गौरतलब है कि ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन तक चले युद्ध के दौरान अमेरिका ने इजरायली परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।

ब्रिटेन ने जताई थी नाराजगी
इससे पहले ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड लैमी ने सोमवार को गाजा में पर्याप्त सहायता सामग्री नहीं पहुंचने देने पर इजराइल के प्रति आक्रोश जताया था। उन्होंने गाजा के लिए चिकित्सा सहायता हेतु 1.5 करोड़ पाउंड की अतिरिक्त राशि की घोषणा की। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिटेन के अधिकारी गंभीर रूप से बीमार और घायल बच्चों को गाजा से बाहर निकालकर ब्रिटेन के अस्पतालों में विशेष उपचार दिलाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं है, यह 21वीं सदी में एक मानव-निर्मित आपदा है।

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति