विधानसभा में पास होगा कोचिंग रेगुलेशन बिल , कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

जयपुर

राजस्थान विधानसभा का बुधवार का सत्र हंगामेदार रहा। झालावाड़ स्कूल हादसे और प्रदेश में जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति को लेकर कांग्रेस विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्षी विधायक विधानसभा गेट की सीढ़ियों पर नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग करने लगे। सदन के भीतर भी कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर पहुंचे और सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया।

कांग्रेस का कहना है कि झालावाड़ हादसे में बच्चों की मौत के बाद भी सदन में उन्हें श्रद्धांजलि तक नहीं दी गई। इस कारण विपक्ष ने विधानसभा परिसर में मृतक बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, सचिन पायलट और हरीश चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत करने की बजाय लापरवाही बरत रही है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ रहा है।

वहीं सदन में राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट कंट्रोल्ड एंड रेगुलेशन बिल-2025 पर बहस हुई। इस बिल में जुर्माने की राशि घटाई गई है। पहले उल्लंघन पर 2 लाख और दूसरी बार पर 5 लाख रुपये का जुर्माना तय था, लेकिन अब इसे घटाकर पहली बार पर 50 हजार और दूसरी बार 2 लाख किया गया है। इसके अलावा पहले 50 से अधिक छात्रों वाले कोचिंग संस्थानों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य था, अब यह सीमा 100 कर दी गई है।

विशेषज्ञों के मुताबिक इस बदलाव से छोटे स्तर पर चल रही कोचिंग संस्थाओं को राहत मिलेगी और बड़े संस्थानों पर नियंत्रण बढ़ेगा। हालांकि विपक्ष का आरोप है कि जुर्माना घटाकर सरकार बड़े कोचिंग संस्थानों को फायदा पहुंचा रही है।

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