सिमी से जुड़ाव की आशंका: खंडवा में दो युवक दबोचे गए, हथियार मिले

खंडवा
शहर में दो स्थानों से अवांछनीय गतिविधियों और प्रतिबंधित संगठन सिमी की गतिविधियों में लिप्त होने की शंका में पुलिस ने बीती रात दो युवकों को पकड़ा था। यह कार्रवाई महाराष्ट्र एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ; एटीएसद्ध से मिले इनपुट पर की गई है। पकड़े गए जलील पुत्र मोहम्मद खिलजी और एक अन्य युवक को हिरासत में लेकर कोतवाली पुलिस द्वारा जांच व पूछताछ की गई। इस दौरान जलील के पास से एक देशी पिस्टल और मैग्जिन जब्त होने पर उसके विरूद्ध आम्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया है। जलिल खिलजी के पिता अकील खिलजी प्रतिबंधित संगठन सिमी का सक्रिय पदाधिकारी था। वर्ष 2011,2012 और 2015 में आरोपित के विरूद्ध शासकीय कार्य में बाधा,विस्फाेटक एक्ट और मारपीट के प्रकरण दर्ज है। देश में सिमी का स्लीपर सेल फिर सक्रिय होने से देश भर की जांच ऐजेंसियां इस नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। खंडवा सिमी का पहले गढ़ रहने से आईबी,एनआईए और विभिन्न प्रदेशों की एटीएस की पैनी नजर खंडवा की गतिविधियों पर है। इसी सिलसिले में महाराष्ट्र एटीएस की टीम भी खंडवा में सक्रिय है।

मंगलवार तड़के शहर के पंधाना रोड क्षेत्र की गुलमोहर कालोनी और कहारवाड़ी के चार युवकों को पुलिस की टीम ने पकड़ा था। पूछताछ के बाद दो युवकों को छोड़ दिया जबकि दो को अपने साथ ले गई थी। चर्चा है कि यह कार्रवाई महाराष्ट्र एटीएस ने काेतवाली पुलिस के सात से आठ जवानों के साथ मिल कर की गई।

घटना के बाद स्थानीय पुलिस कोई जानकारी देने और एटीएस द्वारा कार्रवाई की सूचना नहीं होने की बात कहने से युवक के स्वजनों में हडकंप मच गया। जलील के पास से एक पिस्टल और मैग्जिन बरामद होने पर कोतवाली पुलिस द्वारा आम्स एक्ट में प्रकरण दर्ज उसे बुधवार दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया गया है। कोतवाली थाना प्रभारी अशोक चौहान ने बताया कि आरोपित का अपराधिक रिकार्ड है। युएपीए एक्ट में पहले भी गिरफ्तार हो चुका है। आरोपित के भाई और पिता के विरूद्ध भी महाराष्ट्र में गंभीर अपराध होने से वहां की एटीएस द्वारा भी पूछताछ की गई है।

युवकों की धरपकड़ के बाद पुलिस की ओर से कोई जानकारी नहीं मिलने पर हिरासत में लिए गए एक अन्य युवक जुनेद चौहान के पिता खलील पुत्र मोहम्मद इस्माइल चौहान निवासी कहारवाड़ी ने नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 58 अंतर्गत मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी खंडवा के न्यायालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित सूचना देकर उसके पुत्र को बिना किसी कारण व सूचना दिए बाजार से बोलेरा वाहन में बैठाकर गुप्त स्थान पर पुलिस ले जाने की शिकायत की थी। खलील ने कहा कि मुझे आशंका है कि मेरे पुत्र मोहम्मद जुनेद के साथ कोई भी गंभीर घटना या दुर्घटनाए कारित कर सकते है या उसे झूठे केस में भी फंसा सकते हैं। इसके बाद पुलिस ने जुनेद को छो़ड दिया।

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