सिंहपुर सीवरेज परियोजना अंतिम चरण में, सफल परीक्षणों से बढ़ी उम्मीदें

नरसिंहपुर
मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी लिमिटेड द्वारा जर्मन विकास बैंक केएफडब्ल्यू के सहयोग से नरसिंहपुर में संचालित सीवरेज परियोजना का कार्य अब अंतिम चरण में पहुँच चुका है। इस अत्याधुनिक परियोजना का उद्देश्य नगरीय क्षेत्र में सुनियोजित मलजल प्रबंधन सुनिश्चित कर नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण प्रदान करना है। इस परियेाजना का सफल प्रायोगिक परीक्षण जारी है। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत कार्यरत है।

उल्लेखनीय है कि परियोजना के अंतर्गत नरसिंहपुर में दो आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण सफलतापूर्वक किया जा चुका है, जिनकी क्षमता क्रमशः 6.25 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) और 2.75 एमएलडी है। परियोजना में 6 इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन का निर्माण भी किया गया है। इसके साथ ही नगर में लगभग 122 किलोमीटर लंबी सीवरेज पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जिससे पूरे नेटवर्क को सुव्यवस्थित रूप से जोड़ा गया है।

नरसिंहपुर सीवरेज परियोजना 105 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित है। इस परियोजना के माध्यम से 15 हजार 4 सौ से अधिक घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जाना है, इस परियोजना में अभी तक 13 हजार से अधिक कनेक्शन दिए जा चुके है। परियोजना के पूरा होने पर इससे नगरवासियों को बेहतर स्वच्छता सेवाएं प्राप्त होने के साथ बीमारियों के खतरे में उल्लेखनीय कमी होगी। परियोजना के पूर्ण क्रियान्वयन से नदी, नालों और जल स्रोतों में गंदे जल के प्रवाह पर नियंत्रण होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण और जल प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति