संबित पात्रा बोले: जीएसटी बदलाव से आम जनता और व्यवसायियों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में जीएसटी 2.0 को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने जीएसटी स्लैब को हर वर्ग के लिए खुशखबरी बताया। उन्होंने कहा कि नवरात्र से पहले देश में खुशी का माहौल है, क्योंकि जीएसटी दरों में कटौती से आम जनता, किसानों, मध्यम वर्ग और मेडिकल सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी। संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, "नवरात्र से पहले ही पूरे देश में खुशी का माहौल है। आज सुबह जब मैंने चाय की चुस्कियों के साथ अखबार पढ़ा, तो चाय का रेट 6 प्रतिशत वैट से कम होकर 0 प्रतिशत जीएसटी हो गया था। 22 सितंबर से सभी के लिए हर वस्तु एक तरह से सस्ती होने वाली है और हर वर्ग के लिए खुशखबरी है, चाहे वो किसान हो, कोई मरीज हो, आम गृहणी हो, साधारण ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो, या कोई बच्चा हो, उन सभी के लिए आज खुशखबरी आई है।"

उन्होंने कहा, "कांग्रेस के जमाने में दूध पर 6 प्रतिशत वैट लगता था, आज उसे 0 प्रतिशत कर दिया गया है, यानी उसपर कोई जीएसटी नहीं रहेगी। उसी प्रकार दही, लस्सी, छाछ पर भी अब मात्र 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगी। इसके अलावा, चॉकलेट पर 31 प्रतिशत वैट लगता था, जो अब कम होकर 5 प्रतिशत जीएसटी हो गया है। मिठाई पर 21 प्रतिशत वैट लगता था, जो अब कम होकर 5 प्रतिशत जीएसटी हो गया है। साथ ही गेहूं पर 2.5 प्रतिशत वैट लगता था। अब 0 प्रतिशत जीएसटी लगेगी। चावल पर 2.75 प्रतिशत वैट लगता था। अब 0 प्रतिशत जीएसटी लगेगी।"

संबित पात्रा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "कांग्रेस के जमाने में 1 किलो आटे पर 3.5 प्रतिशत टैक्स लगता था, अब उसे शून्य कर दिया गया है। ठीक उसी प्रकार सोयाबीन का तेल और ग्राउंड नट (मूंगफली) के तेल पर 6 प्रतिशत वैट लगता था, अब उस पर 0 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। इसी तरह, बोतलबंद मिनरल वाटर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी की जरूरत बन गया है। जब गांधी परिवार सत्ता में था, तब इस पर 27 प्रतिशत टैक्स लगता था। आज वह दर घटाकर सिर्फ 5 प्रतिशत कर दी गई है।"

संबित पात्रा ने कहा, "टूथपेस्ट पर 27 प्रतिशत वैट लगता था, अब वो घटकर 5 प्रतिशत जीएसटी हो गया है। ठीक उसी प्रकार टूथ पाउडर पर भी 17 प्रतिशत वैट लगता था, अब वो भी घटकर 5 प्रतिशत जीएसटी हो गया है। साबुन और तेल पर भी 27 प्रतिशत वैट लगता था, अब मात्र 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगी। साथ ही, साइकिल पर 16 प्रतिशत वैट लगता था, अब उस पर मात्र 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। सिलाई मशीन पर 16 प्रतिशत वैट लगता था, अब उस पर भी मात्र 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगी।"

भाजपा प्रवक्ता ने किसानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "हमारे किसान भाइयों के लिए भी बड़ी खुशखबरी है। ट्रैक्टर वाली फिक्स्ड स्पीड डीजल इंजन जो 15 हॉर्सपावर या नीचे की है और ट्रैक्टर का रियर टायर और ट्यूब पर पहले 16 प्रतिशत वैट लगता था। अब वो घटकर 5 प्रतिशत जीएसटी रह गई है। हैंडपंप, इरिगेशन सिस्टम, कंपोस्ट मशीन, फर्टिलाइजर इनपुट पर भी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत जीएसटी कर दिया गया है। ट्रैक्टर के सारे पार्ट्स जो 18 प्रतिशत टैक्स स्लैब में थे, अब ये सारे 5 प्रतिशत टैक्स स्लैब में आ जाएंगे।"

admin

Related Posts

आज शेयर मार्केट में रौनक, 6 लाख करोड़ की बढ़त के साथ निवेशकों ने उड़ाई खुशी

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शानदार तेजी देखने को मिली. सेंसेक्‍स और निफ्टी ने आखिरी कुछ घंटों में कमाल की तेजी दिखाई, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियों में तगड़ी…

सारा खेल पलटा! भारत-EU डील ने अमेरिका की सोच पर डाला दबाव

 नई दिल्ली     भारत-EU डील अमेरिका के खिलाफ नहीं है, लेकिन यह साफ संदेश देती है कि अब भारत अब किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेगा. इसी कड़ी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति