मॉनसून की मार: मुख्यमंत्री भजनलाल ने अधिकारियों को मैदान में भेजकर दिया सतर्क रहने का आदेश

जयपुर

राजस्थान में इस बार मॉनसून की बारिश बहुत ज्यादा हुई है। अब तक सामान्य से 62 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है और बारिश का दौर लगातार जारी है। आज शुक्रवार 5 सितंबर को भी प्रदेश के 25 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गुरुवार रात को ही अजमेर के बोराज तालाब की पाल टूटने से शहर में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। भारी बारिश के चलते प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। जनजीवन प्रभावित होने पर विपक्ष ने सरकार पर तत्काल राहत नहीं देने का आरोप लगाते हुए सदन में मुद्दा उठाया। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बाढ़ ने सभी विधायकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अपने क्षेत्र में जाकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लें और रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेजें। प्रभारी मंत्रियों को भी क्षेत्र में दौरा करने के निर्देश दिए हैं।

तीन दिन फील्ड में रहेंगे विधायक और मंत्री
इन दिनों विधानसभा का सत्र चल रहा है। इस दरमियान शुक्रवार 5 सितंबर से लेकर रविवार 7 सितंबर तक विधानसभा में अवकाश रहेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि अवकाश के दिनों में तीन दिन तक सभी प्रभारी मंत्री और विधायक अपने अपने क्षेत्र का दौरा करें। अतिवृष्टि से हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशीलता और तत्परता के साथ आमजन की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलभराव से उत्पन्न विषम परिस्थितियों के समाधान के लिए राज्य सरकार दीर्घकालिक योजना बनाकर काम करेगी ताकि स्थायी समाधान मिल सके। प्रभावी सचिवों को भी दो दिन तक क्षेत्र का दौरा कर आमजन की समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।
 
विधानसभा में विधायकों से मिले सीएम
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति पर विधानसभा में विधायकों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 1 जून से 1 सितम्बर तक औसत बारिश से 62 प्रतिशत से अधिक बारिश हुई है। ऐसे में सभी विधायक अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में जाएं तथा जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर राहत-बचाव कार्यों को और अधिक गति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तात्कालिक राहत के साथ-साथ बारिश और बाढ़ से प्रतिवर्ष होने वाली समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसके लिए सरकार दीर्घकालिक योजनाएं बना रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन की परेशानियों को प्रभावी रूप से दूर कर रही है।

अधिकारियों से नियमित फीडबैक लेने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभारी मंत्री और सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्र में अधिकारियों और प्रशासन से नियमित रूप से फीडबैक लें। जिला कलेक्टर और उच्च अधिकारियों के साथ नियमित बैठक करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विधायकों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों का मनोबल बढ़ाने, निचले इलाकों से लोगों को समय पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन पैकेट, पीने का पानी, दवाइयों और कपड़ों के वितरण की सतत निगरानी के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्र में महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए सुरक्षित अस्थायी आश्रय की व्यवस्था करवाएं। साथ ही कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन पर नजर रखें। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्वयंसेवकों की पर्याप्त तैनाती भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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