आपदा पीड़ितों के साथ संवेदनशील राष्ट्रपति, लोगों से सहयोग और एकजुटता की अपील

नई दिल्ली
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को मानसून के दौरान देश में हुई प्राकृतिक आपदाओं पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए लोगों से एकजुटता का आह्वान किया। साथ ही इस संकट की घड़ी में राहत बचाव कार्यों में जुटी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की सराहना की।
 
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "बादल फटने और बाढ़ जैसी आपदाओं ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, असम सहित देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। इन आपदाओं के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।" उन्होंने पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। राष्ट्रपति ने लिखा, "इस साल मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की खबरों ने मुझे बहुत दुखी किया। पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने और मैदानी इलाकों में बाढ़ ने भारी विनाश किया है।"

उन्होंने राष्ट्र की ओर से प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता दिखाई और इस संकट की घड़ी में उनके साथ खड़े होने का आश्वासन दिया। उन्होंने लिखा, "राष्ट्र प्रभावित लोगों के दुख में शामिल है और इस संकट की घड़ी में उनके साथ है।"

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्यों में लगे लोगों के समर्पण और जज्बे की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "मैं उन सभी के प्रयासों को सलाम करती हूं जो इस मुश्किल समय में लोगों की मदद के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।" साथ ही उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करने का आह्वान किया।

बता दें कि हाल के दिनों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में बादल फटने की घटनाएं और मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ ने कई परिवारों को बेघर कर दिया है। केंद्र और राज्य सरकारें राहत कार्यों में जुटी हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ जैसी टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति