बारामूला के सांसद इंजीनियर रशीद तिहाड़ से करेंगे उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट

नई दिल्ली
आगामी नौ सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने की पटियाला हाउस की सत्र अदालत ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के बारामूला से लोकसभा सांसद इंजीनियर रशीद को अनुमति दे दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदर जीत ने रशीद की मतदान की अनुमति मांगने वाली याचिका स्वीकार कर ली। इससे पहले अदालत ने रशीद को संसद के मानसून सत्र में भाग लेने के लिए 24 जुलाई से चार अगस्त के बीच हिरासत में पैरोल दी थी।

अदालत ने अनुमति देते हुए रशीद की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता विख्यात ओबेराय से कहा कि उनके मुवक्किल को हाई कोर्ट के पूर्व आदेश के अधीन एक शपथ पत्र देना होगा कि वह अपना यात्रा खर्च का भुगतान स्वयं करेंगें।

रशीद ने कस्टडी पैरोल पर संसद भवन में भाग लेने के लिए यात्रा खर्च के रूप में भुगतान करने संबंधी जेल अधिकारियों के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। रशीद को वर्ष 2017 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा दर्ज किए गए में गिरफ्तार किया गया था और वह 2019 से तिहाड़ जेल में बंद है।

2024 के लोकसभा चुनावों में रशीद ने उमर अब्दुल्ला को हराया था। रशीद पर जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों और आतंकी समूहों को धन मुहैया कराने का आरोप है। एनआईए की प्राथमिकी के अनुसार सह-आरोपित जहूर वटाली से पूछताछ के दौरान रशीद का नाम सामने आया था।

अक्टूबर 2019 में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद एनआइए की विशेष अदालत ने मार्च 2022 में रशीद और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 121 (सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना) और 124ए (देशद्रोह) के तहत और यूएपीए के तहत आतंकी फंडिंग से संबंधित अपराधों के लिए आरोप तय किए गए थे।

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति