रूस ने यूक्रेन ड्रोन हमलों का किया सामना, अब मोबाइल ऐप्स ऑफलाइन भी करेंगे काम

मास्को

रूस और यूक्रेन को जंग में उलझे कई साल हो गए हैं। तमाम कोशिशाें के बावजूद शांत‍ि नहीं हो पाई है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमला करते रहते हैं। यूक्रेन के ड्रोन हमलों के दौरान रूस को उसके तमाम इलाकों में ब्लैकआउट करना पड़ता है, जिसकी वजह से इंटरनेट कनेक्ट‍िविटी प्रभावित होती है और लोग सोशल मीडिया समेत तमाम जरूरी ऐप्स को एक्सेस नहीं कर पाते। इसका तोड़ अब रूस की तरफ से न‍िकाला गया है। उसने ऐसा डिजिटल तरीका तैयार क‍िया है, जिससे लोकल ऐप्स बिना इंटरनेट भी काम करते हैं। रूस की तरफ से इन ऐप्स की लिस्ट जारी करके लोगों को अवेयर क‍िया गया है।

जरूरी सेवाओं से जुड़े हैं ऐप
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, हाल में रूसी सरकार ने ऐसे ऐप्स की लिस्ट जारी की है जो बिना इंटरनेट काम करेंगे। ये ऐप्स सोशल मीडिया से संबंधित है। ओला-उबर जैसी सेवाओं से जुड़े हैं। इसके अलावा सरकारी सेवाओं से जुड़े ऐप्स, पेमेंट ऐप्स भी लिस्ट में हैं, जो बिना इंटरनेट काम करेंगे। खास बात है कि रूसी लिस्ट में अमेरिकी ऐप्स जैसे- वॉट्सऐप आदि को जगह नहीं दी गई है। टेलिग्राम भी लिस्ट में शामिल नहीं है।

इंटरनेट बंद होने पर नहीं होगी परेशानी
रिपोर्ट के अनुसार, रूस की डिजिटल डेवलपमेंट मिनिस्ट्री ने कहा है कि उसके पास एक ऐसा डिजिटल तरीका (special technical solution) है, जिससे लोकल ऐप बिना इंटरनेट के भी काम करेंगे। मिनिस्ट्री के अनुसार, इंटरनेट बंद रहने के दौरान लोगों को परेशानी होती है, उसे कम करने के लिए यह उपाय क‍िया गया है। हालांकि रूस की तरफ से इस मामलों को यूक्रेन के ड्रोन हमलों से नहीं जोड़ा गया है। हालांकि रिपोर्ट में रूस के बॉर्डर एरिया वाले कुछ गवर्नरों के हवाले से बताया गया है कि यूक्रेनी हमलों के दौरान ही ज्यादातर बार इंटरनेट बंद क‍िया जा रहा है।

लोकल ऐप्स को बढ़ावा देना चाहता है रूस
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से रूस अपने देश में ऐसे ऐप्स को बढ़ावा देने में जुटा है जो स्थानीय स्तर पर डेवलप क‍िए गए हैं। उसने कई बाहरी ऐप्स पर बंद‍िशें भी लगाई हैं। खास बात यह है कि रूस में वॉट्सऐप और टेलिग्राम पॉपुलर ऐप्स में शामिल हैं। दोनों ऐप्स को 18 करोड़ से ज्यादा लोग इस्तेमाल करते हैं। लेकिन रूस ने दोनों ऐप्स की बजाए वीके मैसेंजर और मैक्स मैसेंजर जैसे ऐप्स को प्राथमिकता दी है। 1 सितंबर से रूस में बिकने वाले सभी स्मार्टफोन्स में मैक्स मैसेंजर का पहले से इंस्टॉल होना जरूरी है। इसके यूजर्स भी तेजी से बढ़ रहे हैं।

 

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