लिटरेचर का त्योहार लौट रहा जयपुर: 15 जनवरी से शुरू होगा फेस्टिवल, नए आयोजनों के साथ

जयपुर

जयपुर। दुनिया का सबसे बड़ा साहित्यिक उत्सव, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF), 15 से 19 जनवरी 2026 तक राजधानी जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित होगा। यह फेस्टिवल अपने 19वें संस्करण में प्रवेश कर रहा है और इस दौरान साहित्य, राजनीति, विज्ञान, कला और विचार जगत के दिग्गज एक मंच पर जुटेंगे। वैश्विक मुद्दों पर सार्थक विमर्श और संवाद की यह परंपरा हर वर्ष की तरह इस बार भी नए दृष्टिकोण और कहानियों को सामने लाएगी।

दुनिया का सबसे बड़ा साहित्यिक उत्सव, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 15 से 19 जनवरी 2026 तक राजधानी जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित होगा। यह फेस्टिवल अपने 19वें संस्करण में प्रवेश कर रहा है और इस दौरान साहित्य, राजनीति, विज्ञान, कला और विचार जगत के दिग्गज एक मंच पर जुटेंगे। वैश्विक मुद्दों पर सार्थक विमर्श और संवाद की यह परंपरा हर वर्ष की तरह इस बार भी नए दृष्टिकोण और कहानियों को सामने लाएगी।

खास बात यह है कि इस बार फेस्टिवल जनवरी के मध्य में आयोजित हो रहा है, जबकि पिछले दो वर्षों से यह फरवरी के शुरुआती हफ्तों में समाप्त होता था। वर्ष 2025 में यह 30 जनवरी से 3 फरवरी तक और 2024 में 1 से 5 फरवरी तक आयोजित हुआ था।

आयोजकों ने बताया कि फेस्टिवल को लेकर फ्रेंड्स ऑफ फेस्टिवल (एफओएफ) पैकेज की शुरुआत की गई है। इन पैकेजों की शुरुआती कीमत 14,000 रुपए रखी गई है। पैकेज धारकों को जेएलएफ म्यूजिक स्टेज, गाला डिनर और प्रतिष्ठित राइटर्स बॉल जैसे विशेष आयोजनों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। हालांकि इसमें होटल स्टे शामिल नहीं है और सभी कार्यक्रमों में सीटें पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर ही मिलेंगी।

पैकेज को और आकर्षक बनाने के लिए डिस्काउंट ऑफर भी रखे गए हैं। पांच दिन बुकिंग कराने पर 20% छूट, चार दिन पर 15% और 2–3 दिन पर 10% की छूट दी जाएगी। साथ ही 31 दिसंबर 2025 तक कैंसलेशन करने पर 75% तक रिफंड मिल सकेगा।

फेस्टिवल के दौरान भारत और विदेश के नामी लेखक, कलाकार और वक्ताओं से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। 15 से 17 जनवरी को जेएलएफ म्यूजिक स्टेज पर विश्वभर के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। 18 जनवरी को गाला डिनर के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी, जबकि 19 जनवरी को प्रतिष्ठित राइटर्स बॉल का आयोजन होगा। इसमें साहित्य, विचार, संगीत और संवाद के साथ सितारों भरी शाम का अविस्मरणीय अनुभव मिलेगा।

आयोजकों के अनुसार जेएलएफ केवल साहित्य का उत्सव नहीं है, बल्कि विचारों और संस्कृतियों का वैश्विक संगम है, जो नई सोच और दृष्टिकोणों को जन्म देता है।

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