पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा चेक-बाउंस केस में नहीं हुए हाजिर, कोर्ट ने जारी किया अरेस्ट वारंट

रायसेन
 मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम सुंदरलाल पटवा के भतीजे और रायसेन जिले की भोजपुर सीट से बीजेपी एमएलए सुरेंद्र पटवा की मुश्किलें बढ़ गई है। उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। यह वारंट इंदौर की विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने जारी किया है। उन पर चेक बाउंस के कई मामले चल रहे हैं।

कोर्ट ने सुरेंद्र पटवा को गिरफ्तार कर 24 सितंबर को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। यह आदेश सीबीआई और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को भेजा गया है। पटवा के खिलाफ यह वारंट तीसरी बार जारी हुआ है। इससे पहले भी कोर्ट ने 29 अगस्त 2025 को वारंट जारी किया था। इसमें 8 सितंबर को पेश होना था। लेकिन वह नहीं गए। इसके बाद 9 सितंबर को गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

इस मामले में दर्ज हुआ मामला
दरअसल, यह कार्रवाई चेक बाउंस से जुड़े मामले में की गई है। इस मामले में सुरेंद्र पटवा के अलावा उनकी पत्नी मोनिका पटवा और फर्म 'पटवा इंटरप्राइजेस' के खिलाफ भी केस दर्ज है। पटवा इंटरप्राइजेस ने इंदौर की एक फर्म से 67.5 लाख रुपए का कर्ज लिया था। इस कर्ज के भुगतान के लिए पटवा ने 10-10 लाख रुपए के चेक दिए थे। लेकिन बाद में बाउंस हो गए। बार-बार नोटिस भेजे जाने के बाद भी कोर्ट में पेश नही हुए।

10 दिन के भीतर दूसरा वारंट जारी

विधायक सुरेंद्र पटवार के खिलाफ इंदौर की विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने वारंट जारी किया है. CBI ने सुरेंद्र पटवा के खिलाफ FIR दर्ज कराई है. बीजेपी विधायक सुरेंद्र पटवा के SBI समेत कई बैंकों में फर्जी खातों की जानकारी मिली थी. पटवा के खिलाफ 10 दिनों के भीतर दूसरी बार वारंट जारी किया गया है. इससे पहले 29 अगस्त को पहला वारंट जारी किया गया था.

इसके मुताबिक बीजेपी विधायक पटवा को 8 सितंबर को पेश होना था, लेकिन कोर्ट में पेश नहीं हुए. पेश न होने पर 9 सितंबर 2025 को पटवा के खिलाफ फिर से वारंट जारी किया गया है. पटवा के खिलाफ लगभग 100 के करीब चेक बाउंस के मामले जिला कोर्ट में चल रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट भी लग चुका है झटका

पटवा पर कई फर्जी बैंक अकाउंट खोलने का आरोप है. करीब 7 साल पहले कोर्ट ने उनके खिलाफ कुर्की का भी आदेश जारी किया था. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा था. उस समय सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का आदेश पलटते हुए एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे.
कौन हैं सुरेंद्र पटवा?

सुरेंद्र पटवा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के भतीजे हैं. वे रायसेन जिले की भोजपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं. इसके साथ ही शिवराज सरकार में पर्यटन मंत्री भी रह चुके हैं. उनकी गितनी बीजेपी के दिग्गज नेताओं में की जाती है.

सीबीआई और ईओडब्ल्यू को आदेश
बार बार आदेश के बाद पेश नहीं होने पर विशेष न्यायाधीश सुरेश कुमार गुप्ता ने पटवा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। कोर्ट ने सीबीआई और ईओडब्ल्यू को आदेश दिया है कि वे पटवा को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करें। कोर्ट की तरफ जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि आरोपी कोर्ट में 16 सितंबर को उपस्थित नहीं होता है तो बिना जमानत के गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।

पूर्व सीएम के भतीजे हैं विधायक
विधायक पटवा पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के भतीजे हैं और भोजपुर सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं। वे शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार में पर्यटन और संस्कृति मंत्री भी रह चुके हैं। इस घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सीबीआई और ईओडब्ल्यू इस गिरफ्तारी वारंट को कैसे तामील करती है। इस मामले में आगे क्या होता है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति