अखिलेश यादव ने अयोध्या हार पर जताया दुख, कहा- देश में पैदा हो सकती है अस्थिरता

लखनऊ 
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भारत में नेपाल जैसी स्थिति पैदा होने की बात कही। उन्होंने सरकार और चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया और कहा कि जो पड़ोस में जो जनता करती दिख रही है, हो सकता है कि वह यहां भी करती दिखाई देगी। यही नहीं उनका कहना था कि अयोध्या के विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत के पीछे भी धांधली थी। अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या के चुनाव में 5000 लोग बाहर से लाए गए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी है कि वोट चोरी न हो। पूरा देश जानता है कि इन्होंने रिवाल्वर निकाल कर वोट डाला गया था।

उन्होंने कहा कि कुंदरकी के चुनाव में 77 फीसदी मतदान हुआ। अयोध्या के चुनाव में बाहर से लोग लाए गए। यहां वोट की डकैती हो रही है। नेपाल की तरह ही हो सकता है कि जनता सड़कों पर दिखाई दे। सिख समुदाय के एक डेलिगेशन से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि पंजाब में बाढ़ से बहुत नुकसान हुआ है, हमारी मांग है कि नुकसान की पूरी तरह भरपाई हो। विकास परियोजनाओं के लिए पहले पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि पंचायती राज में 60 प्रतिशत कमीशन चल रहा है।

एक बात साफ है- 2027 में आ रही है सपा, हमारी सरकार होगी
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में अंदरूनी लड़ाई चल रही है, भ्रष्टाचार पीक पर है। उन्होंने कहा कि लखनऊ को स्मार्ट सिटी में तीन नंबर पर पहुंचाने वाली एजेंसी पर एफआईआर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जाएगी, तभी क्राइम जाएगा। उन्होंने कहा कि इस राज्य में किडनैपिंग बढ़ी है और क्राइम बढ़ा है। अखिलेश यादव ने कहा कि एक बात मैं कहने जा रहा हूं कि 2027 में सपा की सरकार आएगी। हम लोग सरकार बनाएंगे।

'हिरासत में मौतों का यूपी में बन रहा रिकॉर्ड'
अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में हिरासत में मौतों का रिकॉर्ड बना रहा है। अब तक दूसरे लोग मारे जा रहे थे, अब उन्हें पता लग रहा होगा कि किसी अपने को खोने का दुख क्या होता है। उन्होंने गाजीपुर के सीताराम उपाध्याय की थाने में हुई पिटाई से मौत के प्रकरण की बात करते हुए कहा कि इसकी खुलकर निंदा होनी चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि यह पता लगाया जाए कि आखिर इन घटनाओं के पीछे कौन है। उन्होंने कहा कि आज एक और किसी व्यक्ति ने मुख्यमंत्री आवास पर ज़हर खा लिया। यूपी के सीएम हाउस में जहर खाने का रिकॉर्ड बन रहा है।

पंजाबी में लॉन्च हुआ अखिलेश यादव के लिए गाना
इस दौरान अखिलेश यादव ने किसान आंदोलन के दौरान शहीद किसानों के परिजनों को सम्मानित किया। यही नहीं एक पंजाबी गीत भी अखिलेश यादव के लिए लॉन्च किया गया। इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि इस गाने को 2027 में चलाना है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर सिखों के हितों का पूरा ख्याल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नेता जी ने भी सरकार में इस समुदाय से कैबिनेट मंत्री बनाया था।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति