बिल्डिंग मटेरियल हुआ सस्ता: अब घर बनाना पड़ेगा सस्ता, जानें कितना घटे रेट

नई दिल्ली

जीएसटी काउंसिल ने बड़ा फैसला लेते हुए GST के दरों में बड़ा बदलाव किया है. अभी जीएसटी के तहत 4 स्‍लैब- 5%, 12%, 18% और 28% है, लेकिन बदलाव के बाद सिर्फ दो स्‍लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी हो जाएगा. इस कारण तमाम जरूरत की चीजें सस्‍ती हो जाएगी, यहां तक कि घर बनवाने के लिए सीमेंट, ईंट और स्‍टील के दाम भी घटने वाले हैं. इन चीजों पर भी GST रेट में कटौती हुई है. 22 सितंबर से जीएसटी कटौती लागू होगी. 

सीमेंट पर जीएसटी के रेट को 28 फीसदी की कैटेगरी से हटाकर 18% स्‍लैब में शामिल किया गया है. इसी तरह, ईंट और टाइल्‍स को 12% स्‍लैब से हटाकर 5 फीसदी स्‍लैब में रख दिया गया है. वहीं स्‍टील यानी सरिया पर भी GST को कम किया गया है, जो अब 28 फीसदी से घटकर 18 फीसदी हो जाएगा. आइए जीएसटी कैलकुलेशन से समझते हैं कि अब घर बनवाना कितना सस्‍ता हो सकता है. 

सीमेंट के कितने कम होंगे दाम? 
सीमेंट पर अभी जीएसटी 28% है, जो नई जीएसटी के बाद घटकर 18 फीसदी होगी यानी 10 फीसदी की कटौती होगी. अब मान लीजिए 50 किलो सीमेंट की बोरी ₹400 है. ऐसे में 10% GST कटौती के बाद 40 रुपये प्रति बोरी की कमी आएगी. वहीं 450 रुपये वाली बोरी पर 45 रुपये की कमी आएगी. 

ईंट के दाम कितने घटेंगे? 
ईंट पर जीएसटी रेट को 12 से कम करके 5 फीसदी किया गया है. ऐसे में इसपर जीएसटी रेट में 7 फीसदी की कमी आई है. अब मान लीजिए आप 1 लाख ईंट घर बनवाने के लिए मंगाते हैं और हर एक ईंट की कीमत 10 रुपये है तो कुल आपको 10 लाख रुपये का खर्च आएगा. ईंट पर जीएसटी 7% कम होने के बाद इसका कुल रेट घटकर 9 लाख 30 रुपये हो जाएंगे. यानी 1 लाख ईंट मंगाने पर आपको अब 70 हजार रुपये कम देने पड़ेंगे. 

सरिया का रेट कितना कम होगा? 
स्‍टील प्रोडक्‍ट्स पर जीएसटी रेट 28 फीसदी से कम करके 18 फीसदी किया गया है. ऐसे में 10 फीसदी रेट में कटौती हो सकता है. अब मान लीजिए 1 कुंतल सरिया का दाम 5000 रुपये है. ऐसे में प्रति कुंतल सरिया के दाम में 500 रुपये की कमी आएगी. 

टाइल्‍स के रेट कितने घटेंगे? 
टाइल्‍स जैसी चीजों पर जीएसटी को 12% से घटाकर 5% किया गया है. ऐसे में इसके दाम में भी 7 फीसदी की कटौती होने की उम्‍मीद है. अब 100 रुपये वर्ग फुट की एक टाइल्‍स पर 7 रुपये की कटौती होगी. 

2500 वर्गफुट या 4BHK घर बनवाने में कितना खर्च आएगा? 
एक अनुमान के मुताबिक, 2500 वर्गफुट घर बनवाने में करीब 1000 बोरी सीमेंट का यूज होता है. इसके अलावा, 25 हजार ईंट और सरिया 10 टन सरिया का इस्‍तेमाल हो सकता है. साथ ही लगभग 2200 वर्ग फुट टाइल्‍स का यूज भी मान लेते हैं. अब इसी अनुमान पर कैलकुलेशन करें तो… 

पुरानी जीएसटी रेट पर 

    400 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से 1000 सीमेंट के दाम- 4 लाख रुपये 
    10 रुपये प्रति ईंट के हिसाब से 25000 ईंट के दाम- 2 लाख 50 हजार रुपये 
    50 हजार रुपये प्रति टन सरिया के हिसाब से 10 टन सरिया का दाम- 5 लाख रुपये 
    100 रुपये वर्गफुट टाइल्‍स के हिसाब से 2200 वर्ग फुट टाइल्‍स के दाम- 2 लाख 20 हजार रुपये 
    कुल खर्च- 13.70 लाख रुपये 

नई जीएसटी रेट पर

    360 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से 1000 सीमेंट के दाम- 3 लाख 60 हजार रुपये 
    9.3 रुपये प्रति ईंट के हिसाब से 25000 ईंट के दाम- 2 लाख 32.5 हजार रुपये 
    45 हजार रुपये प्रति टन सरिया के हिसाब से 10 टन सरिया का दाम- 4.50 लाख रुपये 
    93 रुपये वर्गफुट टाइल्‍स के हिसाब से 2200 वर्ग फुट टाइल्‍स के दाम- 2 लाख 4.6 हजार रुपये 
    कुल खर्च- 12.47 लाख रुपये 

नई जीएसटी रेट लागू होने के बाद 2500 वर्ग फुट का घर बनवाने में 1.23 लाख रुपये की बचत हो सकती है. 

admin

Related Posts

आज शेयर मार्केट में रौनक, 6 लाख करोड़ की बढ़त के साथ निवेशकों ने उड़ाई खुशी

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शानदार तेजी देखने को मिली. सेंसेक्‍स और निफ्टी ने आखिरी कुछ घंटों में कमाल की तेजी दिखाई, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियों में तगड़ी…

सारा खेल पलटा! भारत-EU डील ने अमेरिका की सोच पर डाला दबाव

 नई दिल्ली     भारत-EU डील अमेरिका के खिलाफ नहीं है, लेकिन यह साफ संदेश देती है कि अब भारत अब किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेगा. इसी कड़ी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति