गर्भवती महिलाओं के लिए फ्री माइक्रोवेव ऑफर, भड़कीं महिलाएं बोलीं—ये मज़ाक है या मार्केटिंग?

स्टॉकहोम

एक इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेलर ने स्वीडन में अपनी महिला ग्राहकों को उनके किसी भी ब्रांच से कोई वस्तु खरीदने के एक महीने के भीतर प्रेग्नेंट होने पर पूरी धनराशि वापस करने की पेशकश की है. इलेक्ट्रोनिक्स स्टोर के ऐसे ऑफर की कई महिला संगठनों ने आलोचना शुरू कर दी और शिकायत भी दर्ज कराई है. 

महिला आलोचकों ने इस अजीबोगरीब प्रस्ताव को प्रचारित करने वाले विज्ञापन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. इसमें एक प्रेग्नेंसी टेस्ट के साथ व्यंग्यात्मक स्लोगन भी दिया गया है. इस स्लोगन पर भी महिलाओं ने आपत्ति जताई है. 

30 दिनों के अंदर देने होगा प्रेग्नेंसी टेस्ट का सबूत
इलेक्ट्रोनिक्स रिटेलर ने अपनी महिला ग्राहकों को स्वीडन में स्थित अपने 29 स्टोरों में से किसी एक पर कोई वस्तु खरीदने के 30 दिनों के भीतर गर्भवती होने पर उनकी खरीदारी पर इन-स्टोर क्रेडिट के माध्यम से पूरी धनराशि वापस करने की पेशकश कर रहा है.

यह ऑफर उन 20 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं पर लागू होता है जो मेडिकल सर्टिफिकेट देकर यह साबित कर सकती हैं कि किसी इलेक्ट्रिकल उपकरण को खरीदने के 30 दिनों के अंदर वह प्रेग्नेंट हुई हैं. उन्हें यह भी दिखाना होगा कि उनकी अपेक्षित प्रसव तिथि शाखा में खरीदारी के 260 से 303 दिनों के बीच है.

महिलाओं को एक वस्तु की तरह दिखाने का लगा आरोप
नॉर्वे के इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लायर के इस ऑफर और विज्ञापन पर महिलाओं को एक वस्तु की तरह दिखाने और उससे लाभ कमाने का आरोप लगाया गया है. महिला आलोचकों ने इस विज्ञापन की तुलना मार्गरेट एटवुड के पितृसत्तात्मक डायस्टोपिया 'द हैंडमेड्स टेल' से की है, जिसमें महिलाओं को बच्चों का पालन-पोषण करने वाली दासी की तरह दर्शाया गया था.

कंपनी ने देश के घटते जन्मदर को बढ़ावा देने का दिया तर्क
वहीं कंपनी का कहना है कि उसने स्वीडन की घटती जन्म दर को सुधारने के लिए 'बेबी बोनस' उपाय लागू किया है. यहां प्रति महिला जन्म दर 1.4 है. यह दर पड़ोसी फिनलैंड से ज़्यादा है, लेकिन इसमें गिरावट आ रही है. 2024 की तुलना में 2025 की पहली छमाही में इसमें 1.7 प्रतिशत की कमी आई है.

इस विज्ञापन कैंपेन के आलोचकों ने स्वीडन के राष्ट्रीय विज्ञापन लोकपाल को इसकी सूचना दी है तथा शिकायत की है कि यह मार्केटिंग स्ट्रेटजी के रूप में महिलाओं के प्रति द्वेषपूर्ण है.

पहले भी यह कंपनी अपने विवादित ऑफर के लिए सुर्खियों में रही है
यह पहली बार नहीं है जब यह इलेक्ट्रोनिक्स स्टोर अपने प्रचार के कारण विवादों में घिरा है. पिछले वर्ष भी इस रिटेल स्टोर को एक विज्ञापन वापस लेना पड़ा था, जिसमें टैटू के रूप में उसका लोगो बनवाने के इच्छुक ग्राहकों को 50 प्रतिशत छूट देने का वादा किया गया था.

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