जिला स्तर पर भाजपा में महिला सशक्तिकरण की झलक, पीएम मोदी के संदेश का असर

भोपाल
भाजपा ने जनवरी में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के सात माह बाद अब जिला कार्यकारिणी की घोषणा शुरू कर दी है। अब तक घोषित 16 जिलों की कार्यकारिणी में महिलाओं को 25 से 33 प्रतिशत स्थान दिया गया है। एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को भी प्रतिनिधित्व मिला है। इस तरह जिला कार्यकारिणी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'महिला सशक्तीकरण सिद्धांत' की झलक देखने को मिल रही है।

प्रत्येक जिला कार्यकारिणी में पांच से सात महिला नेताओं को उपाध्यक्ष से लेकर महामंत्री और मंत्री पद दिया गया है। पिछले दिनों भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष द्वारा भोपाल ली गई बैठक के बाद से ही जिला कार्यकारिणी की घोषणा शुरू हुई थी। भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की भी घोषणा जल्द की जानी है। इनमें भी महिलाओं का 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा। बता दें, भाजपा की पिछली जिला कार्यकारिणी में महिलाओं की संख्या इस बार के मुकाबले कम थी।
 
भाजपा ने सात तो कांग्रेस ने चार महिलाओं को बनाया जिला अध्यक्ष
भाजपा ने 62 संगठनात्मक जिलों में से सात जिलों में महिलाओं को अध्यक्ष बनाया है। सागर ग्रामीण में रानी पटेल कुशवाहा, टीकमगढ़ में सरोज राजपूत, शहडोल में अमिता चपरा, सिवनी में मीना बिसेन, नर्मदापुरम में प्रीति शुक्ला, खरगोन में नंदा ब्रह्मने और नीमच में वंदना खंडेलवाल को अध्यक्ष बनाया गया है।

जबकि पिछली बार केवल पांढुर्णा में महिला जिला अध्यक्ष थीं। वहीं कांग्रेस ने 71 संगठनात्मक जिलों में से केवल चार जिलों नरसिंहपुर (सुनीता पटेल), आगर-मालवा (विजयलक्ष्मी तंवर), खंडवा (प्रतिभा रघुवंशी) और सिंगरौली (सरस्वती सिंह मरकाम) में महिलाओं को अध्यक्ष बनाया गया है।

 

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