18 राज्यों की 2.5 लाख छात्राओं को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति

वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश में 18,000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिसमें से भोपाल जिले की 295 छात्राएंहुईं लाभान्वित

भोपाल

अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशनके जिला संस्थान द्वारा वार्षिक कार्यक्रम“सफ़र –शिक्षा से समाज तक” का आयोजन 11 सितंबर 2025 को भोपाल में संयोजित किया गया। । इस आयोजन में संस्थान द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों कोकार्य प्रदर्शनी के रूप में प्रदर्शित किया गया।कार्यक्रम में भोपाल जिले के सभी विकासखंडों में फ़ाउण्डेशन द्वारा किये जा रहे शिक्षकों के पेशेवर विकास संबधी कार्यों पर विस्ताोर से चर्चाएं हुई। एक बड़ी स्क्रीन पर पिछले वर्ष विभिन्नं क्षेत्रों में किये गए शैक्षिक गतिविधियों/ कार्यों की वीडियो क्लिप के माध्याम से प्रदर्शन किया गया ।

विगत अकादमिक वर्ष 2024-25 में निपुण शिक्षण कार्यक्रम के तहत प्राथमिक शिक्षकों के साथ कक्षा शिक्षण, डेमो कक्षाओं एवं शैक्षिक संवाद व माध्यमिक शिक्षकों के साथ किए गए विभिन्न कार्यों को उल्लेखित गया। शाला पूर्व शिक्षा के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ किए जा रहे अकादमिक प्रयासों को भी साझा किया गया। युवाओं के साथसंस्थान के कार्य, जिनमें समाज में सृजनात्मक योगदान, संवैधानिक मूल्यों की समझ तथा परिवेश में सकारात्मक बदलाव लाने पर किए जा रहे प्रयासों को भी प्रस्तुत किया गया।इसमें शामिल आमंत्रित पदाधिकारियों ने केवल उपलब्धियों को जानने के साथ खुली चर्चा में यह भी साझा किया कि इन पहलों से जमीनी स्तर पर किस प्रकार बदलाव आ रहे हैं।
आमंत्रित पदाधिकारियों को अवगत कराया गया कि वर्ष 2024-25 में प्रदेश की 18000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्राप्त हुई, जिसमें भोपाल जिले की 295 छात्राएँ शामिल हैं| योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों से स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहीं छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है|

अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के बारे में मुख्य बातें:
• पात्रता:
o    ऐसी छात्राएं,जिन्होंनेसरकारी स्कूलों से कक्षा 10वींऔर 12वीं की पढ़ाई की हो।
o    किसी प्रमाणित उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) में डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश लिया हो। ‘प्रमाणित’ HEI की सूची में सभी सरकारी (पब्लिक) HEI और चुनिंदा निजी HEI भी शामिल होंगे।
• छात्रवृत्ति:
o    डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम की अवधि के लिए प्रति वर्ष 30,000 रुपये, जब तक छात्रा सफलतापूर्वक कार्यक्रम में जारी रहती है।
o    उदाहरण के लिए, 4 वर्षीय बीएससी नर्सिंग प्रोग्राम करने वाली लड़की को उन 4 वर्षों में 1,20,000 रुपये की छात्रवृत्ति सहायता मिलेगी।
o    यह धनराशि हर साल दो किश्तों में छात्राओं के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। वह अपनी ज़रूरत के हिसाब से इस धनराशि का उपयोग कर सकती है।
फाउण्‍डेशन का अनुमान है कि शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में 2.5 लाख छात्राओं को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही होगी। यह कार्यक्रम इस साल से देश के 18 राज्यों में शुरू किया जाएगा।
अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति को पायलट के तौर पर शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश,उत्तर प्रदेश, राजस्थान और झारखंड के कुछ चुनिन्दा जिलों में लॉन्च किया गया था। इस पायलट कार्यक्रम में 25,000 से अधिक छात्राओंको छात्रवृत्ति दी गई है। छात्रवृत्ति के पहले वर्ष की राशि रू 30000इन छात्राओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई  है।
वर्ष 2025-26 के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 सितंबर 2025से शुरू हो गई है।। अट्ठारह राज्यों की सूची इस प्रकार है: अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड। कार्यक्रम का विवरण और कार्यक्रम के डिजाइन या कवरेज में कोई भी बदलाव आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत में अधिसूचित किया जाएगा।

 

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति