भीषण बाढ़ का वीडियो वायरल: देहरादून में ट्रैक्टर नदी में बहा, लोग लगे मदद की राह देखने

देहरादून
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बादल फटने से भारी तबाही मची हुई है। सोमवार देर रात हुई भारी बारिश के बाग कई सड़कें टूट गईं। होटल-दुकानें बह गए जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस जल सैलाब के कई खौफनाक वीडियो भी सामने आ रहे है। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है जिसमें मदद की गुहार लगाते नदीं के बीचों बीच ट्रैक्टर पर फंसे कुछ लोग देखते ही देखते नदी के तेज बहाव में बह गए और लोगों में चीख पुकार मच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना में कम से कम 6 लोगों की मौत की आशंका है। यह वीडियो विकासनगर में उफनती टोंस नदी का बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक ट्रक पर मदद के लिए चिल्ला रहे लोग मजदूर बताए जा रहे हैं। इस खौफनाक मंजर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैष वीडियो में लगभग 10 मज़दूर नदी के बीचों-बीच फंसे एक ट्रैक्टर पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। वह मदद की गुहार लगाते और हाथ हिलाते भी नजर आ रहे है। किनारे पर लोग उन्हें बचाने की कोशिश भी करते हैं, लेकिन इससे पहले कि वह कुछ कर पाते, ट्रैक्टर नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गया और और पूरा ट्रैक्टर पलट गया। ट्रैक्टर पर मौजूद लोग इसमें बह गए और किनारे पर मौजूद लोग चीखने चिल्लाने लगे। ये मजदूर नदीं के बीचों बीच कैसे फंसे ये फिलहाल पता नहीं चल सका है। जानकारी के मुताबिक इस घटना के बाद विकासनगर में अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। ये सभी मजदूर खनन कार्य के लिए गए हुए थे।

इससे पहले आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि देहरादून में सहस्त्रधारा और मालदेवता तथा मसूरी से भी नुकसान की खबरें मिली हैं। देहरादून में दो से तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं। मसूरी में एक व्यक्ति की मौत की खबर मिली है और इसकी पुष्टि की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में टीम राहत और बचाव कार्यों में लगी हुई हैं, वहीं 300 से 400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

आपदा प्रबंधन सचिव ने बताया कि टिहरी में जलभराव के कारण गीता भवन में लोग फंस गए थे जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके अलावा भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से नैनीताल में मलबे के कारण एक सड़क आवागमन के लिए बंद हो गई है। मझारा गांव के निवासी सड़कों पर इकट्ठा हैं और उनका कहना है कि वे भूस्खलन से बाल बाल बचे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग लापता हो गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, कल देर रात देहरादून के सहस्त्रधारा में भारी बारिश के कारण कुछ दुकानों के क्षतिग्रस्त होने का दुखद समाचार मिला। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस बल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति