मध्यप्रदेश मिनरल प्रदेश ऑफ इंडिया बनने की दिशा में अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में पहली बार हुआ स्वर्ण ब्लॉक के खनन पट्टे का निष्पादन

भोपाल 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के आहवान पर मध्यप्रदेश ने खनन क्षेत्र में नया इतिहास रचा गया है। मध्यप्रदेश मिनरल प्रदेश ऑफ इंडिया बनने की दिशा में अग्रसर है। प्रदेश में पहली बार सिंगरौली स्थित चकरिया गोल्ड ब्लॉक के स्वर्ण खनन पट्टे का निष्पादन किया गया है, जिसने मध्यप्रदेश को सीधे वैश्विक स्वर्ण खनन मानचित्र पर प्रतिष्ठित कर दिया है।

चकरिया में 1,33,785 टन स्वर्ण अयस्क भंडारण का अनुमान
खनिज नीलामी में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिये चकरिया गोल्ड ब्लॉक का निष्पादन ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से सफलतापूर्वक किया गया। चकरिया गोल्ड ब्लॉक 23.57 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। इस ब्लॉक में लगभग 1,33,785 टन स्वर्ण अयस्क भंडार होने का अनुमान है, जिसमें 1,76,600 ग्राम सोने की रिकवरी संभावित है। विभाग द्वारा इसके लिये सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई हैं।

औद्योगिक ढांचे को मिलेगी मजबूती – रोजगार होंगे सृजित
प्रदेश में चकरिया गोल्ड खनन पट्टे के संचालन से बहुआयामी लाभ होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही रिफाइनिंग, लॉजिस्टिक एवं विभिन्न सेवाओं जैसे संबद्ध उद्योगों में निवेश आकर्षित होगा और औद्योगिक ढांचे को मजबूती मिलेगी।

अन्वेषण और खनन उत्कृष्टता का बनेगा राष्ट्रीय केन्द्र
मध्यप्रदेश में स्वर्ण एवं सहायक खनिजों की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में अन्वेषण गतिविधियों को आगे बढ़ाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण खोज हुई हैं। कटनी और सिंगरौली के हालिया अन्वेषण ने सकारात्मक संकेत दिये हैं। राज्य में अब तक 4 अन्य गोल्ड ब्लॉकों की नीलामी हो चुकी है। इनमें गुहर पहाड़, इमलिया, ईस्टर्न एक्सटेंशन ऑफ सोनकुरवा और अम्लीयवाह शामिल हैं। राज्य सरकार इनके संचालन के लिये लगातार निगरानी और सहयोग कर रही है। इन पहलों से मध्यप्रदेश तीव्र गति से खनिज अन्वेषण और खनन उत्कृष्टता का राष्ट्रीय केन्द्र बनकर उभर रहा है और देश-विदेश के निवेशकों का ध्यान आकर्षित हो रहा है। यह उपलब्धि केवल एक गोल्ड ब्लॉक तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश के स्वर्णिम भविष्य की शुरूआत है, जहां सतत् खनन, आर्थिक सशक्तिकरण और वैश्विक पहचान एकसाथ मिलते हैं।

 

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