UP पुलिस में बदला सितारा: ममता रानी चौधरी को मिली लखनऊ की DC की कमान, 7 IPS को नई जिम्मेदारियां

लखनऊ 
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. बुधवार को जारी आदेश में राज्य सरकार ने सात आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं. इससे पहले मंगलवार को सरकार ने 16 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर का फैसला लिया था, जिससे प्रदेश प्रशासन में व्यापक फेरबदल देखने को मिला. गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, डीआईजी स्थापना पद पर कार्यरत देव रंजन वर्मा को अब पुलिस उप महानिरीक्षक प्रशिक्षण निदेशालय, लखनऊ में भेजा गया है. वहीं ममता रानी चौधरी को पुलिस उपायुक्त लखनऊ कमिश्नरेट का दायित्व सौंपा गया है. लखनऊ कमिश्नरेट में उनकी तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राजधानी में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में यह एक अहम कदम है.

अभिजीत कुमार को मेरठ भेजा गया
इसके अतिरिक्त, सतीश कुमार को पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध किया गया है. वहीं, अभिजीत कुमार को अपर पुलिस अधीक्षक, मेरठ की जिम्मेदारी सौंपी गई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मेरठ जिला संवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है, ऐसे में उनकी तैनाती काफी मायने रखती है. आईपीएस अतुल कुमार श्रीवास्तव को पुलिस उपायुक्त, कानपुर नगर कमिश्नरेट नियुक्त किया गया है. औद्योगिक और राजनीतिक दृष्टि से अहम शहर कानपुर में कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी. इसी तरह, शैलेंद्र कुमार सिंह को पुलिस उपायुक्त, गौतम बुध नगर पुलिस कमिश्नरेट भेजा गया है. गौतम बुध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) क्षेत्र आईटी हब और कारोबारी गतिविधियों का बड़ा केंद्र है, जहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन हमेशा सक्रिय रहता है.

आईपीएस त्रिगुण बिसेन को गाजियाबाद की जिम्मेदारी
इसके अलावा, आईपीएस त्रिगुण बिसेन को गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस उपायुक्त बनाया गया है. दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले में अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन दोनों ही बड़ी चुनौतियां मानी जाती हैं. इन तबादलों को सरकार के उस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत लगातार पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को नए सिरे से संगठित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में यह देखा गया है कि सरकार समय-समय पर बड़े स्तर पर तबादले करती रही है, ताकि बेहतर समन्वय और सख्त कानून-व्यवस्था लागू की जा सके.

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति