कांग्रेस ने दिखाई कड़ी कार्रवाई, जवाब नहीं देने पर होगी सज़ा

बुरहानपुर
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने बुरहानपुर में अनुशासनहीनता दिखाने वाले नेताओं पर कड़ा रुख अपनाया है। युवक कांग्रेस चुनाव में फर्जी वोटिंग का आरोप लगाना नेताओं को भारी पड़ गया। संगठन प्रभारी संजय कामले ने चार नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और सात दिन के भीतर जवाब मांगा है।
 
किन नेताओं पर कार्रवाई?
आपको बता दें कि बुरहानपुर में हर्षित ठाकुर, पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष, सोहराब कुरैशी, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष, भावेश तोमर, आईटी सेल जिलाध्यक्ष और एक अन्य स्थानीय नेता को नोटिस दिया गया है।

सात दिन में देना होगा जवाब
संगठन प्रभारी ने साफ कहा है कि यदि सात दिन में जवाब नहीं दिया गया, तो इन नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।

क्यों आया विवाद?
दरअसल, युवक कांग्रेस चुनाव को लेकर इन नेताओं ने फर्जी वोटिंग का आरोप लगाया था। इसे पार्टी संगठन ने अनुशासनहीनता मानते हुए तुरंत नोटिस जारी कर दिया।

  • admin

    Related Posts

    अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

    कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

    ‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

    गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति