सिंहस्थ से पहले सीख: नासिक महाकुंभ में व्यवस्थाएं संभालेगा मध्य प्रदेश का प्रशासनिक दल

भोपाल
 उज्जैन में
वर्ष 2028 में होने जा रहे सिंहस्थ की तैयारियों में भीड़ प्रबंधन और अन्य सुरक्षा उपायों को लेकर पुलिस-प्रशासन कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता। नासिक में वर्ष 2027 में होने वाले कुंभ में पुलिस, आपदा प्रबंधन व अन्य संबंधित विभागों का दल पूरे समय वहां रहकर व्यवस्थाएं देखेगा। इस आधार पर वहां के नवाचार, तकनीक को उज्जैन में अपनाया जा सकेगा।

पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन में व्यवस्थाएं करने के लिए प्रयागराज की तुलना में नासिक महाकुंभ का अवलोकन अधिक बेहतर रहेगा। कारण यह कि नासिक और उज्जैन शहर की संरचना लगभग एक जैसी हैं। क्षेत्र संकीर्ण होने के कारण भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती है। हालांकि, प्रयागराज महाकुंभ में किए गए तकनीकी नवाचारों का भी परीक्षण किया जा रहा है।
वहां काम कर चुके विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी

वहां के अधिकारियों के एक दल ने पुलिस मुख्यालय में प्रस्तुतीकरण भी दिया था। इनमें जो उज्जैन के लिए व्यवहारिक हैं उन्हें पुलिस अपनाने की तैयारी भी कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि नासिक में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा प्रबंध, यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य व्यवस्था, सफाई आदि में किसी तरह की समस्या आती है तो उसे देखते हुए उज्जैन सिंहस्थ में उस तरह की समस्या दूर करने के प्रयास किए पहले ही कर लिए जाएंगे।

साथ ही अलग-अलग क्षेत्र में वहां काम कर चुके विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी। बता दें कि पुलिस मुख्यालय ने उज्जैन सिंहस्थ में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारी प्रारंभ कर दी है। इसमें सबसे पहले उज्जैन और ओंकारेश्वर का सुरक्षा आडिट कराया गया है।

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