जयपुर में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना, मेडिकल कॉलेज के NRI कोटे की फीस में बड़ी राहत

जयपुर
 भजनलाल सरकार ने आज हुई कैबिनेट की मिटिंग में कई बड़े फैसले लिए हैं. इन फैसलों के मुताबिक राजधानी जयपुर में महाराणा प्रताप के नाम पर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी. इसके लिए आगामी विधानसभा सत्र में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी विधेयक 2025 जयपुर लाया जाएगा. इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में एनआरआई कोटे की फीस में कमी करने का भी बड़ा ऐलान किया गया है. वहीं सिविल सेवा नियम को लेकर भी बड़ा फैसला किया गया है. इसक तहत कर्मचारी की मृत्यु के बाद माता–पिता को पहले 30 फीसदी पेंशन मिलती थी. लेकिन अब कैबिनेट ने नियम 62 (3) को विलोपित कर दिया है. अब मृतक कर्मचारी के माता–पिता को भी 50 फीसदी पेंशन मिलेगी.

कैबिनेट की बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सरकार के फैसलों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सूबे में लंबे समय से स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की मांग उठ रही थी. इसको देखते हुए यह बड़ा और अहम फैसला लिया गया है. संसदीय मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के जरिये खेलों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा.

मेडिकल कॉलेज में NRI कोटे की फीस में होगी कमी
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में NRI कोटे की फीस में संशोधन पर भी बैठक में मुहर लगा दी गई है. पहले NRI की फीस 31 लाख और मैनेजमेंट कोटे की फीस 9 लाख थी. कुल सीटों में 35 फीसदी मैनेजमेंट और 15 फीसदी NRI कोटे की थी. अभी तक इसमें 5 फीसदी सालाना बढ़ोतरी के प्रावधान थे. इससे सरकारी मेडिकल कॉलेजों को खासा नुकसान हो रहा था. कैबिनेट ने इसमें संशोधन किया है. अब NRI कोटे की फीस मैनेजमेंट कोटे की ढाई गुणा होगी. इससे अब यह 24 लाख से कम रह जाएगी.

विमंदित या निशक्त बच्चों को शादी के बाद भी पारिवारिक पेंशन मिलेगी
बैरवा और पटेल ने बताया कि सिविल सेवा नियम में पेंशन को लेकर भी कैबिनेट में बड़ा फैसला लिया गया है. कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके माता–पिता को 30 फीसदी पेंशन मिलती थी. इसमें बदलाव कर मृतक कर्मचारियों के माता-पिता को राहत प्रदान की गई है. अब मृतक कर्मचारी के माता–पिता को भी 50 फीसदी पेंशन मिलेगी. इन तीन बड़े फैसलों के अलावा मानसिक रूप से विमंदित या निशक्त बच्चों को शादी के बाद भी पारिवारिक पेंशन मिलेगी.

राजस्थान पर्यटन सेवा नियमों में भी संशोधन किया गया है
इसे पहले के मुकाबले बढ़ाया भी गया है. पहले इस पेंशन की राशि 8550 रुपये थी. इसे बढ़ाकर अब 13750 रुपये तक कर दिया गया है. पहले शादी के बाद निःशक्त बच्चों को पारिवारिक पेंशन का प्रावधान नहीं था. इसके साथ ही राजस्थान पर्यटन सेवा नियमों में भी संशोधन किया गया है. इसके तहत अब अधिकारी को चौथा प्रमोशन भी मिल सकेगा. वरिष्ठ निदेशक को भी प्रमोशन का लाभ मिल सकेगा.

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