MMRDA का कड़ा कदम: अटल सेतु की खामियों पर ठेकेदार को 1 करोड़ का दंड, कांग्रेस ने उठाया सवाल

मुंबई 
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने नए खुले अटल सेतु पर सतही क्षति दिखाने वाला एक वीडियो वायरल होने के बाद ठेकेदार पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है. मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक, जिसका आधिकारिक नाम अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु है, का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने 12 जनवरी, 2024 को किया था. 17,840 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित, 21.8 किलोमीटर लंबा यह पुल भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल और दुनिया का 12वां सबसे लंबा पुल है. नए खुले अटल सेतु पर सतही क्षति दिखाने वाला एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद एमएमआरडीए ने कार्रवाई की.

कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना
महाराष्ट्र कांग्रेस ने भी अपने एक्स पर अटल सेतु के गड्ढों का वायरल वीडियो पोस्ट करके बीजेपी पर निशाना साधा है. इसमें एक तस्वीर और वीडियो शेयर किया गया हैं. पहली जब पीएम मोदी ने इस अटल सेतु का उद्घाटन किया था और दूसरा अटल सेतु पर गड्ढों और टेम्पररी पैचिंग का वायरल वीडियो सामने आया जो किसी नागरिक ने निकाला था.
 
MMRDA का बयान
मेट्रोपॉलिटन आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी के निर्देश पर शुक्रवार को 22 किलोमीटर लंबे अटल सेतु (दोनों अप और डाउन कैरिजवे) का व्यापक निरीक्षण अतिरिक्त मेट्रोपॉलिटन आयुक्त एवं परियोजना प्रभारी विक्रम कुमार ने किया. निरीक्षण के दौरान एमएमआरडीए टीम ने पुष्टि की कि नवी मुंबई की ओर जाने वाले कैरिजवे के केवल सीमित 2 किलोमीटर हिस्से (किमी 14 से किमी 16 के बीच) पर कुछ पैचों में हल्की सतही क्षति देखी गई. इसका कारण मानसून के दौरान मौसम की चरम स्थिति और लगातार ट्रैफिक बताया गया.

ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई
एमएमआरडीए टीम ने इस प्रोजेक्ट के ठेकेदार को निर्देश दिया है कि प्रभावित हिस्से की री-सर्फेसिंग पांच दिनों के भीतर पूरी की जाए. यह स्पष्ट कर दिया गया कि अगर कार्य निर्धारित समय में पूरा नहीं हुआ तो ठेकेदार के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी. पहले से उठाए गए प्रवर्तन कदमों के तहत ठेकेदार पर ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है. उनकी डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (DLP), जो जनवरी 2026 में खत्म होनी थी, उसे एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है.

कड़ी निगरानी के लिए प्रतिबद्ध
मानसून के बाद पूरी सड़क को घने बिटुमिनस मैकाडम (DBM) और डामर कंक्रीट (AC) का उपयोग कर, ठेकेदार के अपने खर्च पर स्थायी रूप से पुनर्निर्मित और फिर तैयार किया जाएगा. एमएमआरडीए टीम ने दोहराया कि अटल सेतु संरचनात्मक रूप से मजबूत और सुरक्षित है तथा नागरिकों को आश्वस्त किया कि एमएमआरडीए इस महत्वपूर्ण परियोजना की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए त्वरित कार्रवाई और कड़ी निगरानी के लिए प्रतिबद्ध है.

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति