ज्योति ऑस्ट्रेलिया में जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीम की अगुवाई करेंगी

नई दिल्ली
डिफेंडर ज्योति सिंह 23 सदस्यीय भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम का नेतृत्व करेंगी, जो 26 सितंबर से दो अक्टूबर तक कैनबरा के राष्ट्रीय हॉकी केंद्र में होने वाले पांच मैचों में खेलने के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएगी।

भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया की जूनियर महिला टीम के खिलाफ तीन मैच खेलेगी। इसके बाद वह आस्ट्रेलिया की हॉकी वन लीग में भाग लेने वाले क्लब कैनबरा चिल के खिलाफ दो मैच खेलेगी। यह दौरा एफआईएच हॉकी महिला जूनियर विश्व कप 2025 की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण होगा, जो दिसंबर में चिली के सैंटियागो में आयोजित किया जाएगा।

भारतीय टीम में निधि और एंगिल हर्षा रानी मिंज गोलकीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगी, जबकि डिफेंस में मनीषा, ज्योति, लालथंतलुआंगी, ममिता ओरम, साक्षी शुक्ला, पूजा साहू और नंदनी शामिल हैं। मिडफील्ड में प्रियंका यादव, साक्षी राणा, खैदेम शिलेमा चानू, रजनी केरकेट्टा, बिनिमा धान, इशिका, सुनेलिता टोप्पो और अनिशा साहू जबकि फॉरवर्ड पंक्ति में लालरिनपुई, निशा मिंज, पूर्णिमा यादव, सोनम, कनिका सिवाच और सुखवीर कौर शामिल हैं।

 

admin

Related Posts

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति