चुनावी साख पर सवाल: मध्य प्रदेश में फर्जीवाड़े का नया खुलासा

नागौद
लोकतंत्र के मंदिर को शर्मसार करने वाला मामला मापला जिला के नागौद विकासखंड से सामने आया है। वार्ड क्रमांक 6, गढ़ी टोला में पूर्व पार्षद और विधायक प्रतिनिधि ओमप्रकाश पांडे उर्फ फूलन महाराज के मकान क्रमांक 122 में कुल 89 मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए हैं। इनमें अलग-अलग जातियों और परिवारों के लोग शामिल हैं। इस मामले ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है।

कुछ ऐसे रची साजिश
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह मामला महज लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश प्रतीत होता है। ओमप्रकाश पांडे ने अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर बीएलओ से मिलीभगत कर यह फर्जीवाड़ा कराया। रजिस्टर में मकान संख्या का क्रम भी अव्यवस्थित रखा गया, ताकि यह खेल आसानी से पकड़ में न आए।
 
एक ही मकान में दर्ज 89 मतदाता
विशेषज्ञों का कहना है कि एक ही मकान में इतनी बड़ी संख्या में मतदाता दर्ज करने से किसी भी उम्मीदवार को कृत्रिम बढ़त दिलाई जा सकती है। यह स्थिति स्थानीय प्रशासन की उदासीनता और संभावित मिलीभगत पर भी गंभीर सवाल खड़ा करती है। सूची में दर्ज नामों में शंकर प्रसाद, चुरेमा कुमार, प्रिया पत्नी सुरेगा कुमार, संदीप पिला, विमला पति मयूरा प्रसाद, आजाद बुनकर, अमर चौरसिया, ज्योति कुमार, दीपक शर्मा, रश्मि, रोशनी और अन्य शामिल हैं।
 
चुनावी साख पर सवाल
लोगों का सवाल है कि क्या इतने विविध लोग व एक साथ इतने कमरों वाले मकान में रह सकते हैं? राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो जनता के मन में यह धारणा मजबूत होगी कि लोकतंत्र अब केवल सत्ता का खेल बन गया है। क्षेत्रीय लोग और सामाजिक संगठन प्रशासन और निर्वाचन आयोग से मांग कर रहे हैं कि इस मामले की तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

 

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