धार्मिक संकट बढ़ा: बांग्लादेश के हिंदू मंदिरों पर लूट और तोड़फोड़, दुर्गा पूजा पर खतरा

ढाका 
बांग्लादेश में दुर्गा पूजा से पहले अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हमले बढ़ते जा रहे हैं। जमालपुर जिले के सरिशाबारी उपजिला के तऱ्यापारा मंदिर में शनिवार रात एक शख्स ने लूट के बाद सात मूर्तियों को तोड़फोड़ दिया। यह घटना दुर्गा पूजा से ठीक पहले दूसरी बार सामने आई है।पुलिस ने आरोपी हबीबुर रहमान (35) को गिरफ्तार किया है। सरिशाबारी पुलिस थाना के अधिकारी राशेदुल हसन ने बताया कि पुलिस को सूचना मिलने पर तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया।

मंदिर समिति के अध्यक्ष गोएश चंद्र बरमन ने कहा कि रविवार सुबह महालया के दिन मूर्तियों को टूटे हुए देखकर पुलिस को सूचना दी गई और CCTV फुटेज से आरोपी की पहचान की गई।मंदिर और पुलिस के अनुसार, मूर्तियाँ शनिवार रात कलाकारों द्वारा तैयार की गई थीं और उसी रात आरोपी ने मंदिर में घुसकर मूर्तियों के सिर और अन्य हिस्से तोड़ दिए।यह घटना चिंता का विषय है क्योंकि अगस्त 2024 में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से हिंदू मंदिरों और अल्पसंख्यकों पर हमलों में वृद्धि देखी गई है।
 
इस सप्ताह की शुरुआत में कुस्टिया जिले के मिर्पुर उपजिला के श्वरुपदाह पलपारा श्री श्री राधा काली मंदिर में भी मूर्तियों को तोड़ा गया और सुरक्षा कैमरा व मेमोरी कार्ड चोरी हो गए थे। मंदिर समिति के पूर्व सचिव बदाल कुमार डे ने कहा, "पिछले तीन साल से हम दुर्गा पूजा की तैयारी कर रहे हैं। यह घटना हमें डर में डाल गई है।"इससे पहले, बांग्लादेश की अवामी लीग ने अंतरिम सरकार के गृह सलाहकार जहंगीर आलम चौधरी की हिंदू धर्म के खिलाफ विवादित टिप्पणी की निंदा की थी। शेख हसीना की सरकार के सत्ता से हटाए जाने के बाद बांग्लादेश में हिंसा और कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है।

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